खाद्य तेलों की कीमतों में वृद्धि, ग्वार सीड में गिरावट

हाल ही में घरेलू तेल-तिलहन बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में वृद्धि हुई है, जिसमें सरसों का तेल, सोयाबीन तेल और मूंगफली तेल शामिल हैं। सर्दियों में सरसों के तेल की मांग बढ़ने से कीमतों में उछाल आया है। वहीं, ग्वार सीड और ग्वारगम के बाजार में नरमी देखी गई है, जहां वायदा कारोबार में गिरावट आई है। जानें इस बदलाव के पीछे के कारण और बाजार की स्थिति के बारे में अधिक जानकारी।
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खाद्य तेलों की कीमतों में वृद्धि, ग्वार सीड में गिरावट

खाद्य तेलों की कीमतों में उछाल

नई दिल्ली, 6 जनवरी 2026: घरेलू तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार को सरसों सहित सभी प्रमुख खाद्य तेलों की कीमतों में वृद्धि देखी गई। बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति के चलते सरसों का तेल, सोयाबीन तेल, मूंगफली तेल और पामोलीन जैसे अन्य खाद्य तेल महंगे हो गए हैं। बाजार के जानकारों के अनुसार, सर्दियों में सरसों के तेल की मांग में वृद्धि के कारण कीमतों में उछाल आया है।


जयपुर मंडी में सरसों मिल डिलीवरी के दाम 100-200 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ गए, जिससे कच्ची घाणी सरसों तेल की कीमतें भी ऊंची हो गईं। अन्य खाद्य तेलों में भी मिलाजुला लेकिन कुल मिलाकर तेजी का रुख बना रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार में स्थिरता और घरेलू स्टॉक की कमी के कारण यह वृद्धि हुई है।


इसके विपरीत, ग्वार सीड और ग्वारगम के बाजार में नरमी देखी गई। वायदा कारोबार में कीमतों में गिरावट के कारण ग्वार मिल डिलीवरी 50 रुपये प्रति क्विंटल तक नरम हो गई। कमजोर निर्यात मांग और पर्याप्त स्टॉक के चलते ग्वार सीड पर दबाव बना हुआ है।