खड़गे ने मोदी और शाह से संसद में बयान देने की मांग की

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से संसद में बयान देने की मांग की है। उन्होंने हाल ही में छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर की गई कार्रवाई और गायब फंड के आरोपों पर सरकार का रुख स्पष्ट करने की आवश्यकता पर जोर दिया। खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया और प्रधानमंत्री पर संसद से बचने का आरोप भी लगाया। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं।
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खड़गे की मांग

कांग्रेस के अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध किया कि वे हाल ही में छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर की गई कार्रवाई और गायब फंड के आरोपों पर संसद में बयान दें। पत्रकारों से बातचीत करते हुए खड़गे ने कहा कि इन दोनों नेताओं को सदन में आकर सरकार के रुख को स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में आएं और अपनी बात रखें। गायब फंड का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है। इस पर उनका क्या रुख है?"


छात्रों पर बल प्रयोग

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए छात्र विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में खड़गे ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों की पिटाई की गई, पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, आंसू गैस छोड़ी गई और उनके खिलाफ हर संभव कार्रवाई की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसा क्यों हुआ? प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस मामले में जिम्मेदारी लेनी चाहिए और संसद में बयान देना चाहिए।


प्रधानमंत्री पर आरोप

खड़गे ने प्रधानमंत्री पर संसद से बचने का आरोप भी लगाया, जिससे लोकतांत्रिक जवाबदेही कमजोर होती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सदन में आने को तैयार नहीं हैं। उन्हें संसद में आकर अपनी बात रखनी चाहिए या प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से देश को जवाब देना चाहिए। इससे पहले, खड़गे ने 'X' पर एक पोस्ट में अपनी मांगें दोहराईं और गृह मंत्री से छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित बल प्रयोग के बारे में स्पष्टीकरण मांगा।


विपक्ष का हमला

विपक्ष ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेतृत्व में 20 जुलाई को हुए विरोध मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और पैलेट गन से गोलियां चलाई गईं।