क्रिकेट में बॉल टेम्परिंग: सचिन तेंदुलकर का विवादास्पद मामला

क्रिकेट में बॉल टेम्परिंग का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है, खासकर जब पाकिस्तान सुपर लीग में फखर जमान को निलंबित किया गया। इस बीच, सचिन तेंदुलकर का 2001 का विवाद भी याद किया जा रहा है, जब उन पर बॉल टेम्परिंग का आरोप लगा था। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और क्रिकेट में बॉल टेम्परिंग के नियम।
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क्रिकेट में बॉल टेम्परिंग: सचिन तेंदुलकर का विवादास्पद मामला

बॉल टेम्परिंग का विवाद

क्रिकेट में बॉल टेम्परिंग: सचिन तेंदुलकर का विवादास्पद मामला

हाल के दिनों में क्रिकेट जगत में बॉल टेम्परिंग का मुद्दा फिर से चर्चा का विषय बन गया है। यह शब्द क्रिकेट की दुनिया में नया नहीं है और इसका एक लंबा इतिहास है। हाल ही में पाकिस्तान सुपर लीग 2026 में लाहौर कलंदर्स के खिलाड़ी फखर जमान को बॉल टेम्परिंग के लिए 2 मैचों के लिए निलंबित किया गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस बेईमानी का दाग भारतीय क्रिकेट के एक दिग्गज पर भी लग चुका है, जिसे ईमानदारी का प्रतीक माना जाता है?

यह दिग्गज कोई और नहीं, बल्कि सचिन तेंदुलकर हैं, जिन्हें क्रिकेट में अनुशासन और ईमानदारी का आदर्श माना जाता है। उन्होंने अपने करियर में 142 शतक बनाए हैं और बॉल टेम्परिंग के आरोप में एक मैच का निलंबन भी झेला है। यह मामला 2001 का है, जब दक्षिण अफ्रीका दौरे पर एक मैच रेफरी के निर्णय ने क्रिकेट की दुनिया में हलचल मचा दी थी।

क्या हुआ था सचिन के साथ?
2001 में पोर्ट एलिजाबेथ में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच एक टेस्ट मैच खेला जा रहा था। तीसरे दिन सचिन तेंदुलकर गेंदबाजी करने आए और उनकी गेंदें अन्य गेंदबाजों की तुलना में अधिक घूमने लगीं। इस पर कैमरामैन ने सचिन के हाथ पर कैमरा फोकस किया, जिसमें वह गेंद की सीम को साफ करते हुए दिखाई दिए। इस फुटेज के आधार पर मैच रेफरी माइक डेनिस ने सचिन पर बॉल टेम्परिंग का आरोप लगाते हुए उन्हें एक मैच के लिए निलंबित कर दिया। इस निर्णय पर काफी विवाद हुआ था।

फैंस का विरोध
जब मीडिया में सचिन पर बेईमानी का आरोप लगने की खबर आई, तो फैंस सड़कों पर उतर आए और ICC तथा मैच रेफरी के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। BCCI ने भी अपने खिलाड़ी का समर्थन किया। विरोध प्रदर्शन के बीच, सचिन के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिलने के कारण उनका निलंबन हटा लिया गया। यह ध्यान देने योग्य है कि मैच के दौरान अंपायर्स को सचिन की गेंदबाजी पर कोई शिकायत नहीं थी, फिर भी मैच रेफरी ने वीडियो क्लिप के आधार पर उन पर आरोप लगाया।

बॉल टेम्परिंग क्या है?
क्रिकेट में बॉल टेम्परिंग एक गंभीर अपराध है। जब गेंद एक तरफ से खुरदरी और दूसरी तरफ से चमकदार होती है, तो वह हवा में अधिक स्विंग करती है, जिसे रिवर्स स्विंग कहा जाता है। गेंदबाज अपनी उंगलियों या पसीने से एक तरफ को चमकाते हैं, जो वैध है, लेकिन जब कोई खिलाड़ी अवैध तरीके से दूसरी तरफ को खुरदरा करने की कोशिश करता है, तो वह बॉल टेम्परिंग कहलाता है। ICC के नियमों के अनुसार, बॉल टेम्परिंग खेल भावना के खिलाफ है और इसके लिए अंपायर गेंद बदल देते हैं और विपक्षी टीम को 5 पेनल्टी रन दिए जाते हैं। दोषी खिलाड़ी की मैच फीस भी काटी जा सकती है और गंभीर मामलों में निलंबन भी हो सकता है।