क्यूबा में बिजली संकट: लगातार ब्लैकआउट से परेशान जनता

क्यूबा में हाल ही में हुए बड़े बिजली संकट ने लाखों लोगों को प्रभावित किया है। शनिवार को हुए ब्लैकआउट ने एक सप्ताह में दूसरी बार पूरे द्वीप को अंधेरे में डाल दिया। इस संकट के पीछे अमेरिका के ऊर्जा प्रतिबंधों और ईंधन की कमी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। जानें इस संकट के कारण और क्यूबा की ऊर्जा स्थिति के बारे में अधिक जानकारी।
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क्यूबा में बिजली संकट: लगातार ब्लैकआउट से परेशान जनता

क्यूबा में बिजली संकट

शनिवार को क्यूबा के पूरे द्वीप में एक बड़ा बिजली संकट आया, जिससे लाखों लोग बिना बिजली के रह गए। यह एक सप्ताह में दूसरा राष्ट्रीय ब्लैकआउट था। क्यूबा के ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि स्थानीय समयानुसार शाम 6:45 बजे राष्ट्रीय बिजली प्रणाली का “पूर्ण डिस्कनेक्शन” हुआ। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर इस अपडेट को साझा किया और कहा कि द्वीप पर बिजली बहाल करने के प्रयास शुरू हो गए हैं।

इससे पहले, सप्ताह के दौरान एक द्वीपव्यापी ब्लैकआउट ने लगभग 11 मिलियन लोगों को प्रभावित किया था। शनिवार का ब्लैकआउट पिछले चार महीनों में चौथा बड़ा संकट है।

क्यूबा में बार-बार ब्लैकआउट क्यों हो रहे हैं?

क्यूबा एक गंभीर ऊर्जा और आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। सरकार ने इस स्थिति के लिए अमेरिका के ऊर्जा प्रतिबंधों को जिम्मेदार ठहराया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को तेल आपूर्ति करने वाले देशों पर टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी, जिससे ईंधन की उपलब्धता प्रभावित हुई है।

देश मुख्य रूप से मेक्सिको, रूस और वेनेजुएला जैसे सहयोगियों से तेल आयात पर निर्भर है। हालांकि, इस वर्ष की शुरुआत में वेनेजुएला से शिपमेंट रुक गए थे, जिसके कारण ईंधन की कमी और बिजली उत्पादन में कमी आई है। पुरानी अवसंरचना और संसाधनों की कमी ने भी बिजली प्रणाली को कमजोर किया है। पावर प्लांट में बार-बार विफलताओं के कारण ग्रिड अस्थिर हो गया है, जिससे द्वीप भर में बार-बार ब्लैकआउट हो रहे हैं, जैसा कि CBS की रिपोर्ट में बताया गया है।