क्यूबा में ऊर्जा संकट: अमेरिका का नया कार्यकारी आदेश

क्यूबा एक गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया कार्यकारी आदेश के कारण और बढ़ गया है। इस आदेश ने क्यूबा को अमेरिका के लिए एक "असामान्य खतरा" घोषित किया है, जिससे क्यूबा में ईंधन की कमी और आवश्यक सेवाओं में रुकावटें बढ़ गई हैं। जानें इस संकट के पीछे के कारण, प्रभावित देशों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया के बारे में।
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क्यूबा में ऊर्जा संकट: अमेरिका का नया कार्यकारी आदेश

क्यूबा का गंभीर ऊर्जा संकट


क्यूबा लंबे समय से एक गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है, जिसमें बिजली कटौती, ईंधन की कमी और आवश्यक सेवाओं में रुकावटें आम हो गई हैं। यह संकट पिछले महीने और बढ़ गया, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 29 जनवरी 2026 को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। इस आदेश का शीर्षक है "Addressing Threats to the United States by the Government of Cuba," जिसमें क्यूबा को अमेरिका के लिए "असामान्य और असाधारण खतरा" घोषित करते हुए राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति की घोषणा की गई।


अमेरिका का नया कदम

इस आदेश के तहत, अमेरिका उन देशों से आयातित सामानों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है, जो क्यूबा को कच्चा तेल या पेट्रोलियम उत्पाद बेचते हैं। यह कदम क्यूबा सरकार पर "अधिकतम दबाव" बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिसका लक्ष्य क्यूबा में लोकतंत्र की बहाली और शासन परिवर्तन है।


मुख्य बिंदु


  • प्रभावित देश: मुख्य रूप से मेक्सिको, जो 2025 से क्यूबा का प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ता है, रूस, अल्जीरिया आदि। वेनेजुएला से तेल आपूर्ति पहले ही अमेरिकी कार्रवाइयों के कारण रुक चुकी है।

  • क्यूबा पर असर: आदेश के बाद क्यूबा के पास तेल भंडार केवल 15-20 दिनों के लिए बचे होने की रिपोर्टें आई हैं। इससे बिजली उत्पादन ठप होने, अस्पतालों में ईंधन की कमी, कचरा संग्रह में रुकावट, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर और सार्वजनिक परिवहन ठप होने जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं। क्यूबा सरकार ने इसे "ईंधन नाकाबंदी" करार दिया है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।

  • अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और मानवीय संकट को बढ़ाने वाला बताया है। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने चेतावनी दी है कि इससे मानवीय संकट और बढ़ सकता है। कुछ रिपोर्टों में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कुछ टैरिफ वापस लिए जाने की बात भी आई है, लेकिन संकट जारी है।

  • ट्रंप प्रशासन का रुख: व्हाइट हाउस ने कहा है कि यह कदम क्यूबा सरकार की "दुश्मन देशों और आतंकवादी समूहों" से सांठगांठ को रोकने के लिए है। ट्रंप ने बार-बार कहा है कि क्यूबा को "कोई तेल या पैसा नहीं जाएगा" और उन्होंने क्यूबा से "डील" करने की अपील की है।


आर्थिक संकट की गहराई

यह आदेश क्यूबा के लंबे समय से चल रहे आर्थिक संकट को और बढ़ा रहा है, जहां पहले से ही खाद्य, दवा और बिजली की भारी कमी है। क्यूबा सरकार ने इसे "सामूहिक दंड" करार दिया है, जबकि अमेरिका इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा मानता है।