क्यूबा पर ट्रंप के नए दावे से बढ़ी चर्चाएँ

डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा पर नियंत्रण पाने की संभावनाओं के बारे में बात की है, जिससे अमेरिका और क्यूबा के बीच के तनावपूर्ण रिश्तों पर फिर से चर्चा शुरू हो गई है। ट्रंप ने क्यूबा को कमजोर बताते हुए कहा कि वह इसके साथ कुछ भी कर सकते हैं। इसके अलावा, क्यूबा में हालात बिगड़ने के कारण प्रदर्शन भी हुए हैं। जानें इस पर और क्या कहा गया है और अमेरिका की नई नीतियों का क्या असर होगा।
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क्यूबा की स्थिरता पर सवाल

पिछले आधे सदी से यह कहा जाता रहा है कि क्यूबा की सरकार गिरने वाली है, लेकिन हर बार यह भविष्यवाणी गलत साबित हुई है। वर्तमान में, जब अमेरिका पहले से ही मध्य पूर्व के संघर्ष में उलझा हुआ है, ट्रंप के क्यूबा पर नए दावों ने फिर से चर्चा का माहौल बना दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि क्यूबा पर नियंत्रण पाने का अवसर उन्हें मिल सकता है। ओवल ऑफिस में अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने क्यूबा पर अमेरिकी कार्रवाई के बारे में लंबे समय से चर्चाएँ सुनी हैं और संकेत दिया कि वे इस दिशा में कदम उठा सकते हैं। उन्होंने क्यूबा को एक कमजोर राष्ट्र बताया और दावा किया कि वे इसके साथ कुछ भी कर सकते हैं।


अमेरिका-क्यूबा के रिश्तों का इतिहास

ट्रंप ने अमेरिका और क्यूबा के बीच दशकों पुराने तनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि अब निर्णय लेने का समय आ गया है। उन्होंने कहा, "मैंने अपनी पूरी जिंदगी अमेरिका और क्यूबा के बारे में सुना है। मुझे लगता है कि क्यूबा को किसी न किसी रूप में लेना मेरे लिए सम्मान की बात होगी। मैं इसे आजाद करूं या ले लूं, मुझे लगता है कि मैं इसके साथ जो चाहूं कर सकता हूं।" न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और क्यूबा के बीच चल रही गुप्त वार्ताओं में वाशिंगटन ने एक महत्वपूर्ण शर्त रखी है। अमेरिकी वार्ताकारों ने संकेत दिया है कि क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कानेल को अपने पद से हटना होगा।


क्यूबा के हालात और ट्रंप का रुख

डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के पहले राष्ट्रपति नहीं हैं जो क्यूबा के प्रति सख्त रुख अपनाए हुए हैं। क्यूबा और अमेरिका के बीच की दुश्मनी कई दशकों पुरानी है। 1898 में अमेरिका ने स्पेन को हराया, जिसके बाद स्पेन ने क्यूबा पर अपने सभी दावों को छोड़ दिया। 1902 में क्यूबा स्वतंत्र हुआ और टॉमस इस्ट्राडा पाल्मा इसके पहले राष्ट्रपति बने। हालांकि, प्लैट संशोधन के कारण द्वीप अमेरिकी संरक्षण में रहा, जिससे अमेरिका को क्यूबाई मामलों में हस्तक्षेप का अधिकार मिला। ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद, उन्होंने ओबामा प्रशासन के कई फैसलों को पलट दिया और क्यूबा पर फिर से सख्ती बढ़ा दी।


क्यूबा में हालात की बिगड़ती स्थिति

2021 में क्यूबा में हालात और बिगड़ गए। खाद्य सामग्री, दवाओं और बिजली की भारी कमी के कारण हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। सरकार ने इन प्रदर्शनों को सख्ती से दबाया, कई लोगों को गिरफ्तार किया गया और इंटरनेट सेवाएँ भी बंद कर दी गईं। इन घटनाओं के बाद, बाइडन प्रशासन ने क्यूबा पर कुछ नए प्रतिबंध भी लागू किए।