क्या भारतीय रुपया 150 के स्तर तक गिर सकता है? जानें विशेषज्ञों की राय
भारतीय रुपया और उसकी गिरावट
नई दिल्ली: वर्तमान में भारतीय रुपया तेजी से कमजोर हो रहा है। बुधवार को यह डॉलर के मुकाबले 97 के स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि, गुरुवार को इसमें थोड़ी सुधार देखने को मिली और यह 96.45 पर आ गया, लेकिन दबाव अभी भी बना हुआ है।
रुपये की गिरावट के कारण
वेस्ट एशिया संकट और तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि के चलते रुपये में गिरावट आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति बनी रहती है, तो रुपया 100 के स्तर तक जा सकता है। कुछ विशेषज्ञ 150 के स्तर तक गिरने की भी संभावना जता रहे हैं।
क्या 150 का स्तर संभव है?
एक अमेरिकी डॉलर के लिए 150 रुपये की विनिमय दर एक गंभीर आर्थिक संकट का संकेत देती है। फाइनेंस विशेषज्ञ जयंत मुंद्रा की भविष्यवाणी इस सप्ताह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी, जिससे इस पर गंभीर बहस शुरू हो गई है।
जयंत मुंद्रा का तर्क
जयंत मुंद्रा का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ती तेल की कीमतें रुपये पर दबाव डाल रही हैं। उन्होंने बताया कि भारत की आयातित ऊर्जा और विदेशी पूंजी पर निर्भरता रुपये को बाहरी झटकों के प्रति संवेदनशील बनाती है।
रुपये में गिरावट के पीछे RBI की भूमिका
इंडिया टुडे डिजिटल के विश्लेषण के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अब विनिमय दर के स्तरों की रक्षा करने के बजाय अस्थिरता को रोकने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
क्या 150 का स्तर संभव है?
चॉइस ब्रोकिंग की कमोडिटी विशेषज्ञ कावेरी मोरे का कहना है कि 150 रुपये का स्तर केवल वैश्विक आर्थिक संकट की स्थिति में संभव है।
150 तक पहुंचने की संभावनाएं
रुपये के 150 रुपये तक पहुंचने के लिए भारत को कई संकटों का सामना करना पड़ सकता है, जैसे कि लंबे समय तक चलने वाला वैश्विक ऊर्जा संकट और निर्यात में कमी।
