कोलकाता में राजनीतिक हलचल: ममता बनर्जी का ईडी छापे पर तीखा जवाब

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले कोलकाता में ईडी द्वारा आई-पैक के ठिकानों पर छापे मारे गए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी रणनीति और महत्वपूर्ण डेटा को छीनने के लिए एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। इस घटना ने राजनीतिक हलचल को और बढ़ा दिया है। जानें इस घटनाक्रम के सभी पहलुओं के बारे में।
 | 
कोलकाता में राजनीतिक हलचल: ममता बनर्जी का ईडी छापे पर तीखा जवाब

पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल

पश्चिम बंगाल में अप्रैल और मई में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, लेकिन इससे पहले ही कोलकाता में एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की दो टीमों ने इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के दो स्थानों पर छापे मारे। ईडी 2020 के कोयला तस्करी घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही है।


एक टीम ने आई-पैक के निदेशक प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास पर छापा मारा, जबकि दूसरी टीम ने सॉल्टलेक में उनके कार्यालय पर कार्रवाई की। इस जांच के चलते पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भड़क गईं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध और अपराध करार दिया। ममता ने कहा कि क्या यही तरीका है गृह मंत्री का, जो देश की सुरक्षा में असफल हैं और चुनाव से पहले एजेंसियों का दुरुपयोग कर रहे हैं?


मुख्यमंत्री का तीखा बयान

मुख्यमंत्री बनर्जी ने आगे कहा कि अगर वे भी बीजेपी के दफ्तरों पर छापे मारें, तो क्या होगा? ईडी ने उनकी चुनावी रणनीति, एसआईआर का डेटा और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी ले ली है।


बनर्जी ने यह भी बताया कि जब जैन से संपर्क नहीं हो पाया, तो उन्हें कुछ गड़बड़ का एहसास हुआ। पुलिस कमिश्नर वर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने ईडी अधिकारियों की पहचान की जांच के लिए जैन के आवास का दौरा किया। ममता दोपहर करीब 12 बजे वहां पहुंचीं और कुछ मिनट रुकने के बाद एक फोल्डर, हार्ड ड्राइव और मोबाइल फोन लेकर चली गईं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अमित शाह ने ईडी को उनकी पार्टी की चुनावी रणनीति और उम्मीदवारों की सूची छीनने के लिए भेजा है।


छापे के दौरान मुख्यमंत्री की सक्रियता

ममता बनर्जी ने कहा कि वे प्रतीक के घर पहुंच गईं जब उन्हें छापे की सूचना मिली। उन्होंने वहां 20-25 मिनट बिताए और फिर एक फाइल फोल्डर लेकर निकल गईं। इसके बाद वे प्रतीक के कार्यालय गईं, जहां से लगभग 3:30 घंटे बाद बाहर निकलीं। यह संभवतः देश में पहली बार है जब किसी मुख्यमंत्री ने छापे के दौरान ऐसा कदम उठाया हो। ईडी ने इस मामले में देशभर में 10 स्थानों पर छापे मारे, जिनमें से 6 बंगाल और 4 दिल्ली में हैं।