कोलकाता में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पर पुलिस की छापेमारी

कोलकाता में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पर पुलिस ने छापेमारी की। यह कार्रवाई तब हुई जब कोलकाता नगर निगम ने अभिषेक से जुड़ी संपत्तियों के संबंध में नोटिस जारी किए। भाजपा ने इस पर टीएमसी पर हमले किए हैं, जबकि टीएमसी ने आरोपों को निराधार बताया है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं।
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कोलकाता में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पर पुलिस की छापेमारी gyanhigyan

पुलिस की कार्रवाई का विवरण

सोमवार को कोलकाता पुलिस ने पश्चिम बंगाल की राजधानी के शांतिनिकेतन में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी के आधिकारिक निवास पर पहुंचकर जांच की। यह निवास 188ए हरीश मुखर्जी रोड पर स्थित है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने बिना कोई बयान दिए थोड़ी देर बाद वहां से लौट गए। यह घटना तब हुई जब टीएमसी द्वारा कोलकाता नगर निगम (केएमसी) ने अभिषेक को उनकी कई संपत्तियों के संबंध में नोटिस जारी किया था।


नोटिसों का संदर्भ

अभिषेक बनर्जी से संबंधित 17 से 21 संपत्तियों के लिए भेजे गए नोटिस कोलकाता नगर निगम अधिनियम, 1980 की धारा 400(1) के तहत जारी किए गए थे। यह धारा अधिकारियों को अनधिकृत निर्माण के संबंध में स्पष्टीकरण मांगने का अधिकार देती है। हालांकि, कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने इन नोटिसों से किसी भी संबंध से इनकार किया। उन्होंने कहा कि केएमसी अधिनियम के अनुसार, वे नीति निर्माता हैं और उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।


भाजपा का टीएमसी पर हमला

इन नोटिसों ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को टीएमसी पर हमले का एक अवसर प्रदान किया है, खासकर जब से टीएमसी ने हाल ही में 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा से सत्ता खोई है। भाजपा की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि अभिषेक कानून से ऊपर नहीं हैं और उनसे जुड़ी संपत्तियों पर नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अभिषेक को कानून के अनुसार स्पष्टीकरण देना होगा।


टीएमसी की प्रतिक्रिया

टीएमसी ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि अभिषेक के खिलाफ आरोप निराधार और मनगढ़ंत हैं। पार्टी ने एक बयान में कहा कि यह भाजपा द्वारा गढ़ी गई एक कहानी है।