कोलकाता में अभिषेक बनर्जी के घर CID की छापेमारी, सिग्नेचर फ़ॉर्जरी मामले में पूछताछ
CID की टीम का अभिषेक बनर्जी के घर दौरा
कोलकाता में शुक्रवार को सिग्नेचर फ़ॉर्जरी के मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के निवास पर CID (क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट) के अधिकारियों की एक टीम पहुंची। उनके वकील भी इस दौरान उनके घर पर मौजूद थे। इससे पहले, गुरुवार को CID ने कोलकाता के अलीपुर स्थित अपने मुख्यालय 'भवानी भवन' में अभिषेक बनर्जी से लगभग साढ़े 5 घंटे तक पूछताछ की थी। TMC विधायक मदन मित्रा ने बताया कि अभिषेक बनर्जी जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और आगे भी ऐसा करते रहेंगे। उन्होंने कहा, "CID का आना उनके काम का हिस्सा है, और अभिषेक बनर्जी उनकी मदद कर रहे हैं।"
CID की विज़िट का उद्देश्य अस्पष्ट
देबाशीष राय ने कहा कि CID ने अपनी इस विज़िट के उद्देश्य के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। उन्होंने कहा, "हमें कोई सूचना नहीं मिली है। जब हमें जानकारी मिलेगी, तब हम आपको और बताएंगे।" यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा में पेश किए गए एक प्रस्ताव में गड़बड़ी की शिकायत से संबंधित है। इस प्रस्ताव में विपक्ष के नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय, डिप्टी नेता आसिमा पात्रा और नैना बंद्योपाध्याय, और चीफ व्हिप फिरहाद हकीम की नियुक्ति का उल्लेख किया गया था।
अभिषेक बनर्जी का विधानसभा में बयान
अभिषेक बनर्जी ने 9 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा के स्पीकर को सूचित किया था कि पार्टी ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) लेजिस्लेटिव पार्टी की बैठक में पदाधिकारियों की नियुक्ति का निर्णय लिया था। इसके बाद, 18 मई को विधानसभा के प्रधान सचिव ने अभिषेक को पत्र लिखकर बैठक के मिनट्स और प्रस्ताव, साथ ही निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल विधायकों के हस्ताक्षर मांगे। 20 मई को अभिषेक ने बैठक के प्रस्ताव की कॉपी और उस बैठक में उपस्थित सदस्यों के हस्ताक्षर वाली अटेंडेंस शीट जमा की, जिसमें बताया गया था कि 6 मई को हुई बैठक में 70 विधायक शामिल थे।
