कोर्ट ने मनीषा संजय हवलदार को फिजियोथेरेपी और चिकित्सा सहायता देने का आदेश दिया
कोर्ट का निर्देश
राउज़ एवेन्यू की विशेष फास्ट ट्रैक अदालत ने जेल प्रशासन को आदेश दिया है कि मनीषा संजय हवलदार को नियमित फिजियोथेरेपी और उचित चिकित्सा उपचार प्रदान किया जाए। हवलदार को NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा गिरफ्तार किया गया था। विशेष जज अनु ग्रोवर बालीगा ने जेल अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि हवलदार को चिकित्सकों की सलाह के अनुसार चिकित्सा सहायता मिले और उन्हें न्यायिक हिरासत के दौरान लगातार फिजियोथेरेपी दी जाए।
मनीषा संजय हवलदार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान, उन्होंने अदालत को सूचित किया कि उन्हें दिन में पहले फिजियोथेरेपी दी गई थी।
फिजियोथेरेपी की आवश्यकता
कोर्ट ने जेल अधिकारियों को हवलदार को नियमित फिजियोथेरेपी देने का निर्देश दिया। वकील अखिल रेक्सवाल ने 25 जुलाई को एक याचिका दायर की थी, जिसमें बताया गया था कि हवलदार को दाहिने कंधे, पीठ और घुटनों में दर्द हो रहा है। उन्हें चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी, जो उन्हें नहीं मिल रही थी। इसके बाद, अदालत ने निर्देश जारी किया और जेल अधिकारियों से चिकित्सा रिपोर्ट मांगी। इस बीच, एक नई विशेष अदालत का गठन किया गया और मामले को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में स्थानांतरित किया गया। सोमवार को हवलदार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश करने का आदेश दिया गया।
अगली सुनवाई
वकील अखिल रेक्सवाल ने अदालत को बताया कि उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। उन्होंने अदालत को सूचित किया कि उन्हें फिजियोथेरेपी दी गई थी। इसके बाद, अदालत ने जेल अधिकारियों को निर्देश दिया कि उन्हें हफ्ते में दो बार नियमित फिजियोथेरेपी दी जाए।
