कोटद्वार में जिम संचालक दीपक कुमार का आर्थिक संकट, विवादों का असर

कोटद्वार के जिम संचालक दीपक कुमार, जो एक मुस्लिम दुकानदार के समर्थन में खड़े हुए थे, अब आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। लगातार मिल रही धमकियों के कारण उनका व्यवसाय प्रभावित हुआ है, और उन्हें अपने जिम को बेचने पर विचार करना पड़ रहा है। पिछले चार महीनों से किराया न चुका पाने के कारण उन्हें मकान मालिक से अंतिम चेतावनी मिली है। दीपक का कहना है कि भाजपा और बजरंग दल से जुड़े लोग उनके ग्राहकों को निशाना बना रहे हैं, जिससे उनकी सदस्यता में कमी आई है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी।
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दीपक कुमार की मुश्किलें

कोटद्वार में जिम संचालक दीपक कुमार का आर्थिक संकट, विवादों का असर


कोटद्वार, उत्तराखंड में एक मुस्लिम दुकानदार के समर्थन में खड़े होने के बाद विवादों में आए जिम संचालक दीपक कुमार, जिन्हें 'मोहम्मद दीपक' के नाम से जाना जाता है, अब गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि लगातार मिल रही धमकियों और विवादों के कारण उनका व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है, और अब उन्हें अपने जिम को बेचकर शहर छोड़ने पर विचार करना पड़ रहा है।


जिम का किराया और आर्थिक स्थिति

42 वर्षीय दीपक कुमार कोटद्वार में 'हल्क' नामक जिम चलाते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले चार महीनों से वह जिम का किराया नहीं चुका पाए हैं, जिसके चलते मकान मालिक ने उन्हें अंतिम चेतावनी दी है। दीपक का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि मकान मालिक पर किसी बाहरी दबाव का असर है या नहीं, लेकिन मौजूदा हालात में जिम चलाना बेहद कठिन हो गया है।


विवाद का आरंभ

दीपक कुमार जनवरी में चर्चा में आए थे जब उन्होंने एक मुस्लिम दुकानदार वकील अहमद के समर्थन में आवाज उठाई थी। 26 जनवरी को कुछ बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने पटेल मार्ग पर स्थित 70 वर्षीय दुकानदार वकील अहमद की 'बाबा' नाम की कपड़ों की दुकान का नाम बदलने की मांग की थी। इसी दौरान दीपक ने विरोध जताते हुए खुद को 'मोहम्मद दीपक' बताया।


सड़क पर प्रदर्शन

31 जनवरी को स्थिति और बिगड़ गई जब बड़ी संख्या में लोग कपड़ों की दुकान और दीपक के जिम के बाहर इकट्ठा हो गए, जिससे सड़क जाम हो गई और नारेबाजी शुरू हो गई। इस मामले में पुलिस ने तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की थीं।


जिम की सदस्यता और ग्राहक समस्या

दीपक कुमार ने बताया कि उनके जिम में वर्तमान में केवल 60 से 65 सदस्य ही बचे हैं, जो कि जिम के खर्च को भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं। उनका मासिक किराया 40 हजार रुपये है। गर्मी और विवादों के कारण नए सदस्य भी नहीं जुड़ रहे हैं।


राजनीतिक दबाव का आरोप

दीपक ने आरोप लगाया कि भाजपा और बजरंग दल से जुड़े लोग उनके ग्राहकों को निशाना बना रहे हैं। उनके अनुसार, जिन जिम सदस्यों के परिवार भाजपा से जुड़े हैं, उनके घर जाकर जिम आने से मना किया जाता है। इस तरह के अभियान ने उनके व्यवसाय को पूरी तरह अस्थिर कर दिया है। हालांकि, कोटद्वार के थाना प्रभारी प्रदीप नेगी ने कहा कि पुलिस को अब तक इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है।