कॉफी में नमक डालने का नया ट्रेंड: जानें इसके पीछे का विज्ञान
कॉफी में नमक डालने का ट्रेंड
सोशल मीडिया पर कॉफी के शौकीनों के बीच एक अनोखा ट्रेंड तेजी से फैल रहा है। लोग अब अपनी कॉफी में चीनी या क्रीम की जगह एक चुटकी नमक डालकर पीने लगे हैं। यह माना जा रहा है कि इससे कॉफी की कड़वाहट कम होती है और उसका स्वाद प्राकृतिक रूप से बढ़ जाता है। यह ट्रेंड उन लोगों को भी आकर्षित कर रहा है जो अपनी कॉफी को स्वास्थ्यवर्धक बनाना चाहते हैं, लेकिन स्वाद से समझौता नहीं करना चाहते। आइए जानते हैं कि आखिर क्यों लोग कॉफी में नमक डालने लगे हैं और इसके पीछे का विज्ञान क्या है।
ट्रेंड की उत्पत्ति
इस ट्रेंड की शुरुआत तब हुई जब यह कहा गया कि कॉफी में नमक डालने से उसका स्वाद बेहतर होता है। प्रारंभ में लोग इसे लेकर संशय में थे, लेकिन एक बार इसे आजमाने के बाद, उन्होंने इसे अपनाना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर यह ट्रेंड वायरल होते ही, कई लोग कॉफी पाउडर में नमक मिलाकर या तैयार कॉफी में हल्की चुटकी नमक डालकर इसका अनुभव करने लगे।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण
विज्ञान विशेषज्ञों का कहना है कि नमक में मौजूद सोडियम आयन कॉफी की कड़वाहट को कम करता है और बिना चीनी के भी मिठास का अनुभव कराता है। हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि केवल एक छोटी चुटकी नमक ही पर्याप्त है; अधिक नमक डालने से कॉफी का स्वाद बिगड़ सकता है।
स्वास्थ्य और सावधानियां
कुछ लोग मानते हैं कि नमक कॉफी के हाइड्रेशन स्तर को बढ़ाता है, लेकिन विशेषज्ञ इसे सही नहीं मानते। कॉफी हल्की डिहाइड्रेटिंग होती है और केवल एक चुटकी नमक से इसका प्रभाव नहीं बदलता। यदि आप चीनी कम करना चाहते हैं, तो यह स्वाद बढ़ाने का एक अच्छा तरीका हो सकता है। वास्तव में, यह ट्रेंड नया नहीं है। तुर्की में यह परंपरा लंबे समय से शादियों में अपनाई जाती रही है। वियतनाम में नमकीन कॉफी कैफे में लोकप्रिय है, और तटीय क्षेत्रों में पानी में मिनरल बैलेंस के लिए भी नमक डाला जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड केवल सोशल मीडिया का फैशन नहीं है, बल्कि इसमें स्वाद, विज्ञान और पारंपरिक अनुभव का मेल है।
