कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक का इंस्टाग्राम हैक, डिजिटल आंदोलन में नई हलचल
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के हैक होने का आरोप लगाया है। इस घटना ने पार्टी के तेजी से बढ़ते डिजिटल आंदोलन को और भी अधिक चर्चा में ला दिया है। CJP ने हाल ही में भाजपा और कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए अपनी लोकप्रियता में वृद्धि की है। युवा पीढ़ी और इंटरनेट मीम्स के समर्थन से यह आंदोलन एक नई दिशा में बढ़ रहा है। क्या यह केवल एक डिजिटल प्रेशर ग्रुप बनेगा या भविष्य में एक औपचारिक राजनीतिक दल का रूप लेगा? जानें इस दिलचस्प कहानी के बारे में।
| May 23, 2026, 11:12 IST
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक का इंस्टाग्राम हैक
सोशल मीडिया पर अपनी अनोखी और अप्रत्याशित लोकप्रियता से राजनीतिक परिदृश्य में हलचल मचाने वाली व्यंग्यात्मक पार्टी 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अपने व्यक्तिगत सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कार्रवाई का आरोप लगाया है। दिपके का कहना है कि उनका निजी इंस्टाग्राम अकाउंट कथित तौर पर हैक कर लिया गया है, जिससे वे अब इसे एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा, पार्टी के तेजी से बढ़ते बैकअप इंस्टाग्राम पेज को भी कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था, लेकिन कुछ घंटों बाद इसे फिर से सक्रिय कर दिया गया।
लॉक हुआ अकाउंट, रिकवरी में विफलता
अभिजीत दिपके द्वारा साझा किए गए स्क्रीनशॉट्स के अनुसार, उन्होंने मेटा (Meta) की रिकवरी प्रक्रिया के माध्यम से अपने व्यक्तिगत अकाउंट को पुनः प्राप्त करने की कई बार कोशिश की। लेकिन हर बार जब वे "अभी रिकवर करें" (Recover it now) विकल्प पर क्लिक करते, तो स्क्रीन पर एक ही संदेश आता: "हमने आपकी सुरक्षा के लिए आपका Instagram अकाउंट लॉक कर दिया है। अपने अकाउंट को वापस पाने के लिए, आपको अपनी पहचान वेरिफ़ाई करनी होगी और एक नया पासवर्ड बनाना होगा।"
एक्स पर नाराजगी व्यक्त करते हुए
बार-बार प्रयास करने के बावजूद सफलता न मिलने पर दिपके ने एक्स (पहले ट्विटर) पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए लिखा, "कॉकरोच जनता पार्टी पर कार्रवाई। इंस्टाग्राम पेज हैक हो गया। मेरा निजी इंस्टाग्राम हैक हो गया। ट्विटर अकाउंट रोक दिया गया। बैकअप अकाउंट भी बंद कर दिया गया।"
नए अकाउंट के साथ वापसी
यह नया विवाद CJP के एक्स हैंडल के भारत में सस्पेंड होने के ठीक बाद सामने आया है। हालांकि, इस पाबंदी के बावजूद यह डिजिटल ग्रुप जल्द ही "Cockroach Is Back" नाम से एक नए अकाउंट के साथ प्लेटफॉर्म पर लौट आया।
आलोचकों पर तंज
नए अकाउंट से अपने आलोचकों पर तंज कसते हुए CJP ने लिखा, "क्या आपको लगा कि आप हमसे छुटकारा पा सकते हैं? हाहा (Lol)।" पार्टी ने संकेत दिया कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता को दबाने के लिए ये सुनियोजित प्रयास किए जा रहे हैं।
BJP और कांग्रेस को पछाड़ा
जो अभियान कुछ समय पहले केवल एक इंटरनेट व्यंग्य के रूप में शुरू हुआ था, वह अब देश के सबसे तेजी से बढ़ते डिजिटल आंदोलनों में बदल चुका है। CJP ने लॉन्च होने के कुछ ही दिनों में इंस्टाग्राम फॉलोअर्स के मामले में पहले सत्तारूढ़ दल भाजपा को और फिर 141 साल पुरानी कांग्रेस पार्टी को पीछे छोड़ दिया।
युवाओं का समर्थन
Gen Z और मीम्स की ताकत: इस आंदोलन की रीढ़ देश की युवा पीढ़ी और इंटरनेट मीम्स हैं। परीक्षा के पेपर लीक, बेरोजगारी और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर युवाओं के भीतर चल रहे गुस्से को इस मंच ने अपनी आवाज बनाया है।
आरोप और समर्थन
इस अचानक आई डिजिटल सुनामी ने देश में एक नई बहस छेड़ दी है:
आरोप: भाजपा समर्थकों और कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इस संगठन को "राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संभावित खतरा" बताते हुए इसके तार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और विपक्षी दलों की मिलीभगत से जुड़े होने के आरोप लगाए हैं।
समर्थन: दूसरी तरफ, कई प्रमुख विपक्षी नेताओं, एक्टिविस्टों और मशहूर हस्तियों ने खुले तौर पर CJP का समर्थन किया है, जिससे सत्तारूढ़ दल पर उनके राजनीतिक हमले और तेज हो गए हैं।
आंदोलन की शुरुआत
'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दिपके बोस्टन में रहने वाले एक पूर्व सोशल मीडिया कैंपेन वर्कर हैं, जो 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के डिजिटल कैंपेन से भी जुड़े रहे थे।
यह पूरा आंदोलन भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के एक कथित विवादित बयान के बाद शुरू हुआ था, जिसमें उन पर आरोप लगा कि उन्होंने बेरोजगार युवाओं और एक्टिविस्टों की तुलना "कॉकरोच" और "परजीवियों" से की थी। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश ने बाद में स्पष्ट किया कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया था, लेकिन तब तक इंटरनेट पर विरोध की चिंगारी भड़क चुकी थी।
CJP का मूल मंत्र
"धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी, लोकतांत्रिक, आलसी" के नारे के साथ चलने वाली यह पार्टी खुद को "युवाओं का, युवाओं द्वारा, युवाओं के लिए बनाया गया एक राजनीतिक मोर्चा" बताती है। इनके व्यंग्यात्मक घोषणापत्र में चुनावी सुधार, संस्थागत जवाबदेही, महिलाओं के लिए आरक्षण और परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ सख्त कार्रवाई जैसी गंभीर मांगें भी शामिल हैं।
भविष्य की दिशा
सोशल मीडिया अकाउंट्स पर बार-बार लग रही पाबंदियों के बीच CJP के फॉलोअर्स का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है। अब देखना यह है कि क्या यह इंटरनेट-आधारित विरोध अभियान भविष्य में किसी औपचारिक राजनीतिक दल का रूप लेता है या सिर्फ एक डिजिटल प्रेशर ग्रुप बनकर रह जाता है। लेकिन एक बात साफ है कि इस डिजिटल 'कॉकरोच' ने भारत की ऑनलाइन राजनीति का नैरेटिव जरूर बदल दिया है।
