केरल सरकार ने केएसआरटीसी कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों की जांच का आदेश दिया

केरल के परिवहन मंत्री सी पी जॉन ने हाल ही में एक दुर्घटना के बाद केएसआरटीसी कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों की जांच का आदेश दिया है। इस दुर्घटना में चालक और परिचालक की मृत्यु हो गई, जबकि कई यात्री घायल हुए। मंत्री ने कहा कि कर्मचारियों को पर्याप्त आराम नहीं मिल रहा है और अगले कुछ दिनों में कार्य घंटों की समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने भी घायल यात्रियों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
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दुर्घटना के बाद की गई कार्रवाई

तिरुवनंतपुरम (केरल), 8 अगस्त: केरल के परिवहन मंत्री सी पी जॉन ने शनिवार को घोषणा की कि सरकार यह पता लगाएगी कि क्या कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) अपने कर्मचारियों से बिना पर्याप्त आराम के लंबे समय तक काम ले रहा है। यह निर्णय एक हालिया दुर्घटना के बाद लिया गया, जिसमें एक बस चालक और परिचालक की जान चली गई।


शनिवार की सुबह बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे पर बिदादी में हुई इस दुर्घटना में कोझिकोड से आ रही केरल ‘रोडवेज’ की बस के चालक अरुण एन एम और परिचालक मिदिलेश के. की मृत्यु हो गई। इस हादसे में चौदह यात्री भी घायल हुए हैं।


जॉन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘क्या कर्मचारियों को बिना आराम के लंबे समय तक काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, यह एक गंभीर मुद्दा है।’’ उन्होंने बताया कि परिवहन आयुक्त अगले पांच दिनों में इस दुर्घटना की जांच करेंगे।


उन्होंने कहा, ‘‘हर दुर्घटना के बाद जांच की जाती है, यह एक मानक प्रक्रिया है।’’ जॉन ने यह भी बताया कि कोझिकोड डिपो के दो कर्मचारियों की मृत्यु हुई है और उन्हें जानकारी मिली है कि बस कर्मचारियों को पर्याप्त आराम नहीं मिल रहा है।


उन्होंने कहा, ‘‘मैंने केएसआरटीसी के प्रबंध निदेशक से इस मुद्दे पर चर्चा की है। अगले दो-तीन दिनों में कार्य घंटों और आराम के मुद्दे की समीक्षा की जाएगी।’’


दुर्घटना के बाद, जॉन ने कर्नाटक सरकार का आभार व्यक्त किया और कहा कि पोस्टमॉर्टम और अन्य प्रक्रियाएं चल रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि दुर्घटना में घायल सभी यात्रियों के इलाज का खर्च केएसआरटीसी उठाएगा।


केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कहा कि उन्होंने कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर से बात की है और उनसे अनुरोध किया है कि बस दुर्घटना में घायल लोगों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए।