केरल सरकार की ज्योति योजना: प्रवासी बच्चों के लिए शिक्षा का नया अवसर
केरल सरकार ने 'ज्योति योजना' की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य प्रवासी बच्चों को शिक्षा प्रणाली में शामिल करना है। यह योजना स्वास्थ्य, शिक्षा और कल्याण पर केंद्रित है, और इसका लक्ष्य उन बच्चों की समस्याओं को हल करना है जो औपचारिक शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। जानें इस योजना के महत्वपूर्ण कदम, उद्देश्य और विशेषताएं, जो प्रवासी समुदायों को मुख्यधारा में लाने में मदद करेंगी।
| Apr 8, 2026, 11:50 IST
ज्योति योजना का परिचय
केरल सरकार ने 'ज्योति योजना' का शुभारंभ किया है, जिसका उद्देश्य प्रवासी बच्चों को राज्य की शिक्षा प्रणाली और आंगनवाड़ियों में शामिल करना है। यह योजना स्वास्थ्य, शिक्षा में समावेशन और कल्याण पर केंद्रित है। इसका मुख्य लक्ष्य उन प्रवासी श्रमिकों के बच्चों की समस्याओं को हल करना है, जो बार-बार स्थान बदलने और आवश्यक दस्तावेजों की कमी के कारण औपचारिक शिक्षा से वंचित रह जाते हैं।
महत्वपूर्ण कदम
मई 2025 में, 'ज्योति योजना' का उद्घाटन प्रवासी बच्चों के लिए शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन के लिए जनसंपर्क अभियान के दौरान किया गया। यह योजना केरल सरकार के चौथे स्थापना वर्ष के अवसर पर शुरू की गई है। यह पहल शिक्षा के माध्यम से प्रवासी समुदायों को मुख्यधारा में लाने के लिए एक महत्वपूर्ण नीति कदम है।
मुख्य उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य केरल की औपचारिक शिक्षा प्रणाली में प्रवासी श्रमिकों के बच्चों को शामिल करना है।
समावेशी विकास को बढ़ावा देना, जिसमें स्वास्थ्य सेवाएं, स्कूली शिक्षा और कल्याण योजनाओं तक पहुंच शामिल है।
मौसमी प्रवास के बावजूद शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित करना भी इस योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
मुख्य विशेषताएं
इस योजना के तहत 3 से 6 वर्ष के बच्चों को आंगनवाड़ियों में नामांकित किया जाएगा।
वहीं, 6 वर्ष और उससे अधिक आयु के बच्चों को सरकारी स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा।
