केरल विधानसभा चुनाव: पिनराई विजयन ने विकास के लिए नया जनादेश मांगा
मुख्यमंत्री विजयन का चुनावी बयान
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सोमवार को कहा कि राज्य में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) आगामी विधानसभा चुनाव में विकास के लिए नया जनादेश मांग रहा है। उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि यह चुनाव धर्मनिरपेक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखते हुए प्रगति और कल्याण की निरंतरता सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। विजयन ने कहा, "हम विकास और जन कल्याण को प्राथमिकता दे रहे हैं।"
दक्षिणपंथी ताकतों पर आरोप
विजयन ने आरोप लगाया कि दक्षिणपंथी ताकतें झूठ फैलाकर और सांप्रदायिकता का सहारा लेकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा पर कॉरपोरेट हितों का समर्थन करने का भी आरोप लगाया। विजयन ने कहा, "पिछले 10 वर्षों ने दिखाया है कि केरल में एक मानवीय वैकल्पिक मॉडल व्यावहारिक है।"
यूडीएफ सरकार की आलोचना
उन्होंने पूर्ववर्ती संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान राज्य गंभीर संकट में था। विजयन ने कहा कि नियुक्तियों में ठहराव, सार्वजनिक क्षेत्र का पतन, और भ्रष्टाचार ने राज्य को प्रभावित किया।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान
विजयन ने बताया कि यूडीएफ शासनकाल में कल्याणकारी पेंशन का 18 महीनों का बकाया था और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था दयनीय स्थिति में थी। उन्होंने कहा, "सरकारी विद्यालयों से छात्रों की संख्या में कमी आ रही थी और पाठ्यपुस्तकें समय पर नहीं मिल रही थीं।"
एलडीएफ की उपलब्धियां
उन्होंने एलडीएफ सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वास्थ्य के लिए बजट आवंटन 665 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। विजयन ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं क्रियान्वित की गई हैं।
भविष्य की योजनाएं
विजयन ने कहा कि एलडीएफ राज्य की भविष्य की जरूरतों और युवा पीढ़ी की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी चुनाव में एलडीएफ को निर्णायक जीत मिलेगी।
