केरल विधानसभा चुनाव 2026: मतदान की तैयारियां पूरी, 883 उम्मीदवार मैदान में
केरल में चुनावी तैयारियों का अंतिम चरण
केरल में लोकतंत्र का महापर्व अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) रतन यू केलकर ने मंगलवार को बताया कि 9 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए सभी प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। इस चुनाव में 140 विधानसभा सीटों के लिए 883 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।
केलकर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि राज्य में 30,495 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें 24 सहायक मतदान केंद्र भी शामिल हैं। ये सहायक केंद्र मतदाता सूची के विशेष गहन पुनीक्षण (एसआईआर) के बाद बनाए गए हैं।
नए मतदान केंद्रों की स्थापना
केलकर के अनुसार, कासरगोड, कन्नूर, पलक्कड़, मलप्पुरम और एर्नाकुलम जिलों में नए मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें से 352 केंद्रों का संचालन महिलाएं और 37 का संचालन दिव्यांग व्यक्ति करेंगे। इसके अलावा, 140 वितरण और संग्रह केंद्र भी बनाए गए हैं, जहां मतपत्रों की गिनती 140 स्ट्रांग रूम में की जाएगी।
चुनाव प्रक्रिया का प्रबंधन
चुनाव प्रक्रिया के सुचारू प्रबंधन के लिए 1.46 लाख प्रशिक्षित चुनाव अधिकारियों को तैनात किया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए 76,000 पुलिस कर्मियों और केंद्रीय बलों के जवानों को भी तैनात किया गया है।
होम वोटिंग का सकारात्मक प्रभाव
इस बार निर्वाचन आयोग ने 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए 'होम वोटिंग' की सुविधा प्रदान की है। CEO केलकर के अनुसार, इस श्रेणी में 96% से अधिक पात्र मतदाताओं ने पहले ही अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया है, जो लोकतांत्रिक भागीदारी का एक सकारात्मक संकेत है।
राजनीतिक परिदृश्य
केरल में इस बार मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ एलडीएफ (LDF), विपक्षी यूडीएफ (UDF) और एनडीए (NDA) के बीच है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाला एलडीएफ लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रहा है, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ सत्ता परिवर्तन के अपने पारंपरिक चक्र को दोहराने की कोशिश में है।
महत्वपूर्ण तिथियां
मतदान: 9 अप्रैल, 2026
मतगणना और परिणाम: 4 मई, 2026
