केरल में सड़क हादसे से शोक का माहौल, 9 शिक्षकों की हुई मौत

केरल के मलप्पुरम जिले के पांग गांव में एक सड़क दुर्घटना ने 9 शिक्षकों की जान ले ली, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। ये सभी लोग एक यात्रा पर गए थे जब यह दुखद घटना घटी। स्थानीय स्कूल में सामूहिक शोक का दृश्य देखने को मिला, जहां छात्रों और अभिभावकों ने अंतिम दर्शन किए। राज्य के शिक्षा मंत्री ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और सरकार की ओर से सहायता का आश्वासन दिया।
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शोक में डूबा पांग गांव

शनिवार की सुबह केरल के मलप्पुरम जिले के पांग गांव में एक दुखद घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया। जब नौ एंबुलेंस एक साथ गांव में पहुंचीं, तो वहां का माहौल गमगीन हो गया। ये एंबुलेंस उन शिक्षकों और कर्मचारियों के शव लेकर आई थीं, जो शुक्रवार को एक यात्रा पर गए थे।


मलप्पुरम के पांग गांव के सरकारी स्कूल परिसर में सामूहिक शोक का दृश्य देखा गया, जहां पल्लिपरंबा सरकारी लोअर प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के शव लाए गए।


दुर्घटना की जानकारी

ये सभी लोग शुक्रवार को पड़ोसी राज्य तमिलनाडु में एक सड़क दुर्घटना का शिकार हुए थे। पोस्टमार्टम के बाद, शवों को एंबालापरम्बु सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में रखा गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जुटी।


जैसे ही शव पहुंचे, छात्रों, अभिभावकों और ग्रामीणों की एक बड़ी संख्या वहां इकट्ठा हो गई। सभी के चेहरे पर गहरा दुख और अविश्वास था। एक शिक्षक ने कहा, "अब स्टाफ रूम में केवल तीन लोग ही बचे हैं।"


यात्रा की योजना

जानकारी के अनुसार, 13 लोगों का एक समूह शुक्रवार सुबह यात्रा पर निकला था, जिसमें शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी, उनके परिजन और चालक शामिल थे। यह यात्रा अनौपचारिक थी और इसमें अथिराप्पिल्ली जलप्रपात के बाद कोयंबटूर जिले के वालपराई जाने की योजना थी।


दुर्घटना में नौ लोगों की जान चली गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज पड़ोसी राज्य के अस्पतालों में चल रहा है।


सरकारी सहायता और जांच

मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम तमिलनाडु के पोल्लाची स्थित सरकारी अस्पताल में किया गया। इसके बाद शवों को केरल लाया गया और अंतिम संस्कार के लिए उनके घरों में भेजा गया।


राज्य के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने स्कूल जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि यह घटना स्कूल के लिए गहरा आघात है। सरकार आवश्यक शिक्षण स्टाफ की नियुक्ति के लिए तुरंत कदम उठाएगी और प्रभावित छात्रों के लिए मनोवैज्ञानिक परामर्श की व्यवस्था की जाएगी।