केरल में संपत्ति विवाद ने राजनीतिक हिंसा का रूप लिया

केरल के नेट्टायम में एक संपत्ति विवाद ने राजनीतिक संघर्ष का रूप ले लिया, जिसमें भाजपा और माकपा के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसा हुई। इस झगड़े में तीन पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस ने 94 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और इसके पीछे के कारण।
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केरल में संपत्ति विवाद ने राजनीतिक हिंसा का रूप लिया gyanhigyan

नेट्टायम में संपत्ति विवाद का राजनीतिक संघर्ष

केरल के नेट्टायम में दो रिश्तेदारों के बीच संपत्ति को लेकर शुरू हुआ विवाद तेजी से राजनीतिक संघर्ष में बदल गया। इस झगड़े में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कार्यकर्ताओं के बीच गंभीर हिंसा हुई, जिसमें तीन पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।


पुलिस ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के 94 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच के अनुसार, यह विवाद मलमुकल क्षेत्र में दो रिश्तेदारों के बीच जमीन के मुद्दे से उत्पन्न हुआ। एक पक्ष भाजपा से जुड़ा है, जबकि दूसरा माकपा का समर्थक है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन रविवार रात यह विवाद सड़क पर आ गया, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।


पुलिसकर्मियों पर हमले की जानकारी

प्राथमिकी के अनुसार, घायल पुलिसकर्मियों में सिविल पुलिस अधिकारी दीपू, शिबू और वट्टियूरकावु पुलिस थाने के प्रभारी विपिन एसी शामिल हैं।


पुलिस ने बताया कि माकपा और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की सूचना मिलने पर रात करीब 8:30 बजे एक टीम मलमुकल स्थित सेंट सेबेस्टियन चर्च के पास पहुंची।


प्राथमिकी में यह भी कहा गया है कि माकपा के एक कार्यकर्ता ने सीपीओ दीपू के सिर पर पत्थर से हमला किया, जबकि भाजपा के एक कार्यकर्ता ने एसएचओ विपिन एसी पर हमला किया। इसी तरह, सीपीओ शिबू पर भी लाठी से हमला किया गया।