केरल में भारी बारिश से जनहानि और संपत्ति को नुकसान
केरल में बारिश से उत्पन्न संकट
तिरुवनंतपुरम, 2 अगस्त - केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने रविवार को जानकारी दी कि राज्य में हालिया भारी बारिश के कारण आठ लोगों की जान चली गई है, जबकि आठ अन्य लापता हैं और 13 लोग घायल हुए हैं। इस बारिश ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, भूस्खलन की घटनाएं हुईं और जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि भारी बारिश के चलते 27 घर पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं, जबकि 196 घरों को आंशिक नुकसान हुआ है।
बयान में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रभावित क्षेत्रों से 5,792 लोगों को राज्यभर में स्थापित 209 राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मृतकों के परिवारों और इस आपदा में अपने घर और आजीविका खोने वालों को सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दिन की तुलना में बारिश में कमी आई है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
सतीशन ने कहा कि वह बारिश से संबंधित राहत कार्यों के लिए राजस्व मंत्री ए पी अनिलकुमार, विभिन्न जिलों में तैनात मंत्रियों और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं। अनिलकुमार ने पत्रकारों को बताया कि भारी बारिश के कारण हुए नुकसान और जलभराव के बाद स्थिति में सुधार हो रहा है और हालात नियंत्रण में हैं। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त सड़कों को बहाल कर दिया गया है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में अभी भी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध है।
उन्होंने यह भी बताया कि कई जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए पहले से ही अलर्ट जारी कर दिए गए हैं और इससे निपटने के लिए सभी तैयारियां पूरी हैं। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) के अनुसार, राज्य के कुछ हिस्सों में शनिवार को 320 मिलीमीटर तक बारिश हुई, जिससे सड़कों और निचले इलाकों में जलभराव हो गया। प्राधिकरण ने बताया कि सबसे अधिक बारिश कन्नूर जिले के अय्यनकुन्नू क्षेत्र में दर्ज की गई।
बारिश कम होने के बाद कई बांधों का जलस्तर घटा है, जिसके चलते पिछले दिन खोले गए बांधों के फाटकों को बंद कर दिया गया है। हालांकि, केएसडीएमए के अनुसार, इडुक्की, पत्तनमथिट्ठा और त्रिशूर जिलों में बिजली उत्पादन से जुड़े कुछ बांधों का जलस्तर अभी भी रेड अलर्ट स्तर पर बना हुआ है। राज्य के पर्यटन मंत्री पी सी विष्णुनाथ ने कहा कि भारी बारिश के बाद पत्तनमथिट्ठा और अरनमुला क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक अतिरिक्त टीम तैनात की गई है।
इसके अलावा, तिरुवनंतपुरम, पलक्कड़ और एर्नाकुलम से दमकल विभाग की इकाइयों को भी बुलाया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने एक अगस्त को राज्य के 12 जिलों के लिए रविवार को ऑरेंज अलर्ट जारी किया था, जिसका अर्थ है 115 मिलीमीटर से 204 मिलीमीटर तक अत्यधिक भारी बारिश की संभावना।
