केरल में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा, मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन प्रणाली की घोषणा की

केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने पत्तनमथिट्टा जिले में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने आपदा प्रबंधन के लिए एक नई प्रणाली की योजना का खुलासा किया, जिसमें जलवायु पूर्वानुमान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने नदियों से गाद निकालने के कार्य को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया और हाल की भारी बारिश के कारण हुए नुकसान पर चिंता व्यक्त की। जानें इस महत्वपूर्ण दौरे के बारे में और क्या कदम उठाए जाएंगे।
 | 
gyanhigyan

मुख्यमंत्री का पत्तनमथिट्टा दौरा

पत्तनमथिट्टा (केरल), चार अगस्त: केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने मंगलवार को बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सरकार आपदा प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन के अचानक प्रभावों का पूर्वानुमान लगाने के लिए एक प्रभावी प्रणाली विकसित करने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि जलवायु पूर्वानुमान और पूर्व चेतावनी तंत्र को मजबूत करने के लिए विशेषज्ञों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का सहयोग लिया जाएगा। यह प्रणाली पत्तनमथिट्टा जिले में एक प्रायोगिक परियोजना के रूप में लागू की जाएगी।


सतीशन ने यह भी बताया कि 2019 से पम्बा नदी सहित राज्य की कई नदियों से गाद निकालने का कार्य नहीं हुआ है, जिसके कारण हाल की भारी बारिश के दौरान जलस्तर तेजी से बढ़ गया। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे राज्य में नदियों से गाद निकालने के लिए त्वरित कदम उठाए जाएंगे, और पत्तनमथिट्टा को प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में कम समय में 300 मिलीमीटर से अधिक वर्षा हुई, जिससे विशेष रूप से वन क्षेत्रों में भूस्खलन और भूधंसाव की घटनाएं हुईं।


उन्होंने कहा, 'सौभाग्य से इस आपदा में बहुत अधिक लोगों की जान नहीं गई।'