केरल में बाढ़ की स्थिति: राहत शिविरों में फंसे लोग और मौसम का अलर्ट

केरल में बारिश और बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिससे सैकड़ों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। कई सड़कें और मकान जलमग्न हैं, जबकि मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने की घटनाएं बढ़ रही हैं। जानें इस संकट की पूरी जानकारी और राहत कार्यों के बारे में।
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केरल में बारिश और बाढ़ की स्थिति

शनिवार को केरल के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहा। कई स्थानों पर बाढ़ का पानी धीरे-धीरे घट रहा है, लेकिन अभी भी कई सड़कें और घर जलमग्न हैं, जिससे सैकड़ों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। अधिकारियों के अनुसार, अलप्पुझा के ऊपरी कुट्टनाड और कोट्टायम जिले के अंदरूनी हिस्से सबसे अधिक प्रभावित हैं।


हालांकि, कुछ क्षेत्रों में जल स्तर अब घटने लगा है। बाढ़ का पानी बहुत धीमी गति से कम हो रहा है, जिसके कारण कई मकान और सड़कें अभी भी जलमग्न हैं, जिससे स्थानीय लोग फंसे हुए हैं। अलप्पुझा-चंगनाशेरी सड़क समेत कई प्रमुख मार्ग अब भी जलमग्न हैं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है।


जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत कार्य


लोगों को जलभराव वाले इलाकों से निकालने और आवश्यक सामान को पहुंचाने के लिए छोटी नावों का उपयोग किया जा रहा है। बाढ़ की स्थिति अभी सामान्य नहीं हुई है, जिसके कारण दक्षिण और मध्य जिलों के कई लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार के लिए पत्तनमथिट्ठा, अलप्पुझा, कोट्टायम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।


मौसम का अलर्ट और सावधानियाँ


'ऑरेंज अलर्ट' का अर्थ है 11 से 20 सेंटीमीटर तक की अत्यधिक बारिश। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि तेज हवाएं राज्य में मौसम से संबंधित खतरनाक स्थितियों में से एक हैं। तेज हवाओं के दौरान अक्सर पेड़ गिरने और शाखाएं टूटने की घटनाएं होती हैं।


केएसडीएमए ने लोगों को सलाह दी है कि वे तेज हवाओं और बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे शरण लेने या वहां वाहन खड़े करने से बचें। स्थानीय निकायों, राजस्व अधिकारियों और निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाने की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।