केरल में पीएम-श्री योजना पर माकपा और भाकपा का हमला

केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने पीएम-श्री योजना के कार्यान्वयन को लेकर यूडीएफ सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों दलों ने राज्यसभा में केंद्र सरकार के हालिया जवाब का हवाला देते हुए कहा कि केरल के सरकारी स्कूलों में यह योजना लागू नहीं हुई है। शिवनकुट्टी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने इस योजना के तहत स्कूलों के चयन में भाग नहीं लिया। भाकपा ने भी इसी मुद्दे पर केंद्र सरकार के जवाब को राज्य सरकार के दावों के खिलाफ बताया। जानें इस विवाद की पूरी कहानी।
 | 
gyanhigyan

केरल में विपक्ष का आरोप

केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने बृहस्पतिवार को संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार पर प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम-श्री) योजना के कार्यान्वयन को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। इन दलों ने अपने आरोपों को समर्थन देने के लिए राज्यसभा में केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय सहायता के संबंध में हाल ही में दिए गए जवाब का हवाला दिया। माकपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने कहा कि संसद में पेश दस्तावेजों से यह स्पष्ट होता है कि मुख्यमंत्री वीडी सतीशन और सामान्य शिक्षा मंत्री एन समसुद्दीन के दावों के विपरीत, केरल के सरकारी स्कूलों में पीएम-श्री योजना अब तक लागू नहीं हुई है।


केंद्र सरकार का जवाब

शिवनकुट्टी ने कांग्रेस सांसद जेबी मेथर के सवाल पर केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी द्वारा राज्यसभा में दिए गए उत्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि अब तक केरल के किसी सरकारी स्कूल का पीएम-श्री योजना के तहत चयन नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने इस योजना के तहत स्कूलों के चयन की प्रक्रिया में भाग नहीं लिया। केवल 47 केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और एनसीईआरटी से संबद्ध संस्थान इस सूची में शामिल हैं।


राज्य की वित्तीय स्थिति

शिवनकुट्टी ने यह भी कहा कि वर्ष 2025-26 के लिए केरल को जारी 99.27 करोड़ रुपये पीएम-श्री योजना के तहत नहीं, बल्कि समग्र शिक्षा कार्यक्रम के 'शिक्षा का अधिकार' (आरटीई) घटक के अंतर्गत राज्य की वैधानिक हिस्सेदारी के रूप में दिए गए हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि तमिलनाडु ने भी पीएम-श्री योजना के लिए केंद्र के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, फिर भी उसे आरटीई से संबंधित धनराशि प्राप्त हुई है।


भाकपा की प्रतिक्रिया

भाकपा के प्रदेश सचिव बिनॉय विश्वम ने भी इसी तरह की आलोचना की और कहा कि केंद्र सरकार के जवाब ने राज्य सरकार के उस दावे को गलत साबित कर दिया है कि केरल को पीएम-श्री समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद धनराशि मिली है। पीएम-श्री योजना का मुद्दा पहले भी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार के कार्यकाल में विवाद का कारण बना था, जब केरल ने केंद्र के साथ इस संबंध में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। बाद में भाकपा की आपत्तियों के कारण राज्य सरकार ने इस योजना के कार्यान्वयन को स्थगित कर दिया था।


राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर चिंता

भाकपा का कहना है कि यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।