केरल, पुडुचेरी और असम में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान शुरू
गुरुवार, 9 अप्रैल को केरल, पुडुचेरी और असम में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान शुरू हुआ। इस चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला हो रहा है, जिसमें LDF, NDA और कांग्रेस शामिल हैं। निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा और तकनीकी उपाय किए हैं। जानें मतदान प्रक्रिया और चुनाव परिणामों की घोषणा की तारीख के बारे में।
| Apr 9, 2026, 08:37 IST
महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों की शुरुआत
गुरुवार, 9 अप्रैल को केरल, पुडुचेरी और असम में महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों के लिए मतदान प्रक्रिया आरंभ हुई। मतदान सुबह लगभग 7 बजे शुरू हुआ और असम में यह शाम 5 बजे तक चलेगा, जबकि केरल और पुडुचेरी में यह शाम 6 बजे तक जारी रहेगा। केरल में, मुख्यमंत्री पी. विजयन के नेतृत्व में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) लगातार तीसरी बार सत्ता में बने रहने का प्रयास कर रहा है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के अनुसार, 140 विधानसभा सीटों के लिए 883 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करने के लिए लगभग 1.32 करोड़ पुरुष, 1.39 करोड़ महिलाएं और 273 ट्रांसजेंडर व्यक्ति मतदान करने के योग्य हैं।
असम में चुनावी मुकाबला
असम में चुनावी लड़ाई सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में NDA लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की उम्मीद कर रहा है। चुनाव आयोग के अनुसार, 126 विधानसभा सीटों के लिए 722 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करने के लिए 2.50 करोड़ लोग वोट डालने के लिए पात्र हैं।
पुडुचेरी में चुनावी परिदृश्य
पुडुचेरी में भी NDA और विपक्षी गठबंधन, जिसमें कांग्रेस और द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) शामिल हैं, के बीच मुकाबला है। मुख्यमंत्री एन.आर. रंगासामी के नेतृत्व में NDA दूसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रहा है, जबकि कांग्रेस इस केंद्र शासित प्रदेश पर फिर से नियंत्रण हासिल करने की उम्मीद कर रही है। चुनाव आयोग ने बताया कि ये चुनाव 30 विधानसभा सीटों के लिए 294 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे, जिसमें 9.5 करोड़ से अधिक लोग मतदान करने के योग्य हैं।
मतदान प्रक्रिया और सुरक्षा उपाय
निर्वाचन आयोग (ECI) ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रबंध किए हैं:
सुरक्षा: हजारों अर्धसैनिक बलों और स्थानीय पुलिस की तैनाती की गई है।
तकनीक: संवेदनशील मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग के माध्यम से निगरानी की जा रही है।
गर्मी से बचाव: मतदाताओं को सलाह दी गई है कि वे धूप तेज होने से पहले अपने मताधिकार का प्रयोग कर लें।
इन चुनावों के परिणाम 4 मई, 2026 को घोषित किए जाएंगे, जिससे यह स्पष्ट होगा कि जनता ने अगले पांच वर्षों के लिए किस पर भरोसा किया है।
