केरल का रहस्यमय पद्मनाभस्वामी मंदिर और उसका सातवां दरवाजा
केरल का पद्मनाभस्वामी मंदिर रहस्यमय कहानियों और मान्यताओं से भरा हुआ है। इस मंदिर का सातवां दरवाजा विशेष रूप से ध्यान आकर्षित करता है, क्योंकि इसके खुलने पर प्रलय आने की चेतावनी दी जाती है। जानें इस मंदिर की संपत्ति, इतिहास और रहस्यमय दरवाजे के बारे में। क्या सच में इसे खोलना खतरनाक हो सकता है? इस लेख में जानें सभी महत्वपूर्ण बातें।
| May 21, 2026, 09:11 IST
पद्मनाभस्वामी मंदिर का रहस्य
हर प्राचीन मंदिर के साथ कई रहस्यमय कहानियाँ जुड़ी होती हैं। केरल के तिरुवनन्तपुरम में स्थित एक ऐसा ही मंदिर है, जिसे पद्मनाभस्वामी मंदिर के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर से जुड़े कई रहस्य और मान्यताएँ हैं, जिनमें से एक यह है कि इसका सातवां दरवाजा खुलने पर प्रलय आ जाएगा।
आइए जानते हैं इस मंदिर के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें:
- यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है, जहाँ उनकी प्रतिमा गर्भगृह में स्थापित है।
- भगवान विष्णु शेषनाग पर शयन अवस्था में विराजमान हैं।
- यह मंदिर विश्व का सबसे धनी मंदिर माना जाता है, जिसकी संपत्ति लगभग 1,32,000 करोड़ रुपये है।
- त्रावणकोर में 1947 तक राजाओं का शासन था, और भारत के स्वतंत्र होने के बाद भी इस मंदिर पर अधिकार नहीं जमाया गया।
- मंदिर की देखभाल त्रावणकोर के शाही परिवार द्वारा की जाती है।
- जनता की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने 6 द्वार खोलने की अनुमति दी, जिनसे भारी मात्रा में सोने के जेवरात निकले।
- हालांकि, सातवां दरवाजा रहस्यमय बना हुआ है, क्योंकि इसके खुलने पर प्रलय आने की मान्यता है।
- इस दरवाजे पर कोई कुंडी या नट नहीं है, बल्कि केवल दो सर्पों का चित्र है, जो इसे संरक्षित करते हैं।
- इस दरवाजे को खोलने के लिए विशेष मंत्रों का उच्चारण आवश्यक है।
- त्रावणकोर राजपरिवार के मुखिया तिरुनल मार्तंड वर्मा ने कहा है कि इस दरवाजे को खोलने से देश में प्रलय आ सकता है।
प्राचीन वस्तुओं को रहस्यमय तरीकों से सुरक्षित रखा जाता था, ताकि उनका दुरुपयोग न हो। इसलिए, यदि सातवें दरवाजे के अंदर की चीजें तांत्रिक शक्तियों से बंद हैं, तो उन्हें छेड़ना अनुचित होगा।
इस दरवाजे का बंद रहना सभी के लिए सुरक्षित है, जबकि इसके खुलने पर संभावित खतरे हो सकते हैं।
