केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने का प्रस्ताव केंद्रीय मंत्रिमंडल ने किया मंजूर

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय विधानसभा चुनावों से पहले लिया गया है। भाजपा के नेता राजीव चंद्रशेखर ने इस कदम का समर्थन किया है, जबकि मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन ने बताया कि 'केरलम' नाम राज्य की संस्कृति और इतिहास को दर्शाता है। जानें इस प्रस्ताव के पीछे की राजनीति और इसके सांस्कृतिक महत्व के बारे में।
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केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने का प्रस्ताव केंद्रीय मंत्रिमंडल ने किया मंजूर

केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। इस मंजूरी के बाद, भारत के राष्ट्रपति केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 को केरल राज्य विधानसभा में संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत विचार के लिए भेजेंगे। विधानसभा से विचार प्राप्त होने के बाद, भारत सरकार आगे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी और संसद में नाम परिवर्तन के लिए विधेयक प्रस्तुत करने हेतु राष्ट्रपति की अनुशंसा प्राप्त की जाएगी।


राजनीतिक पृष्ठभूमि

राज्य में विधानसभा चुनावों से पहले यह नाम परिवर्तन किया जा रहा है, जबकि चुनाव की तारीखों की घोषणा अभी तक भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नहीं की गई है। इस वर्ष जनवरी में, केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन को पत्र लिखकर वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार द्वारा नाम परिवर्तन के कदम का समर्थन किया था। चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री को पत्र का उत्तर देने के लिए धन्यवाद दिया और सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि 'केरलम' नाम राज्य की संस्कृति, भाषा और इतिहास को दर्शाता है।


संस्कृति और विरासत का सम्मान

उन्होंने कहा कि इस नाम को पुनर्स्थापित करना हमारी विरासत को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भाजपा और एनडीए हमेशा केरल की परंपराओं, संस्कृति और आस्था की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं। चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक दलों का इन मूल्यों का उल्लंघन करने का एक लंबा इतिहास रहा है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि 'विकसित केरल, सुरक्षित केरल और आस्था की रक्षा' केवल नारे नहीं हैं, बल्कि यह उनका मिशन है। उन्होंने यह भी कहा कि वे हमेशा केरल और उसके लोगों के हित में अच्छे कार्यों का समर्थन करेंगे।


मुख्यमंत्री का उत्तर

मुख्यमंत्री विजयन ने अपने उत्तर पत्र में कहा कि राज्य का मूल नाम 'केरलम' था, जिसे ब्रिटिश शासन के दौरान प्रशासनिक सुविधा के लिए 'केरल' में परिवर्तित किया गया था। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा किए गए परिवर्तनों को सुधारने का कार्य किया जा रहा है और मूल नाम को बहाल किया जा रहा है, जो राज्य की संस्कृति के अनुरूप है।