केरल: इतिहास, आंदोलन और राजनीतिक सफर की कहानी
केरल, जिसे 'ईश्वर का देश' कहा जाता है, का इतिहास और राजनीतिक सफर अद्वितीय है। पुर्तगाली खोजकर्ता वास्कोडिगामा की यात्रा से लेकर नारायण गुरु के सामाजिक आंदोलनों तक, यह राज्य विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों का संगम है। 1956 में राज्य के रूप में स्थापित होने के बाद, केरल ने कई महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाओं का सामना किया है। जानें इस राज्य की विधानसभा और लोकसभा सीटों के बारे में और इसके वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य को समझें।
| Mar 27, 2026, 13:07 IST
केरल का ऐतिहासिक महत्व
पुर्तगाली खोजकर्ता वास्कोडिगामा ने 1948 में भारत में कदम रखा, और यह यात्रा कालीकट से शुरू हुई, जिसे आज कोझिकोड के नाम से जाना जाता है। यह स्थान केरल का हिस्सा है और इसे 'ईश्वर का देश' कहा जाता है, क्योंकि यहां की जनसंख्या शिक्षित है और यह मसालों, प्राकृतिक विविधता और विभिन्न धर्मों का संगम है।
प्राकृतिक सौंदर्य और संस्कृति
पश्चिमी घाट पर स्थित केरल अपने अद्भुत समुद्र तटों, हरे-भरे वादियों और सुखद मौसम के लिए प्रसिद्ध है। यहां की अर्थव्यवस्था बैकवॉटर पर आधारित है, जहां की स्थानीय कला और मसाले विश्वभर में केरल की खुशबू फैलाते हैं।
आंदोलन और सामाजिक परिवर्तन
केरल के आंदोलन
राज्य में कई धर्मों और विचारों का स्वागत किया गया है, लेकिन कुरीतियों के खिलाफ भी कई आंदोलन हुए। नारायण गुरु ने 1888 में शिवलिंग स्थापित कर एझावा समुदाय के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उनके नेतृत्व में एझावा जातियों का संगठन मजबूत हुआ है।
राज्य का गठन और राजनीतिक इतिहास
इतिहास
केरल 1 नवंबर 1956 को एक राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। स्वतंत्रता के बाद, यह विभिन्न प्रशासनिक क्षेत्रों में बंटा रहा। अंग्रेजों के समय में इसे त्रावणकोर, मालाबार और कोचीन में विभाजित किया गया था।
राजनीतिक परिदृश्य
सियासी सफर
राज्य के गठन के बाद, वाम लोकतांत्रिक मोर्चा और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा के बीच सत्ता का हस्तांतरण होता रहा। 1957 में EMS नंबूदिरीपाद के नेतृत्व में पहली बार लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई कम्युनिस्ट सरकार बनी।
1980 के बाद से, LDF और UDF के बीच सत्ता का परिवर्तन होता रहा। 2016 में ओ. राजगोपाल ने बीजेपी के लिए पहला विधायक चुना, जो एक महत्वपूर्ण मोड़ था। 2021 में LDF ने फिर से सत्ता में वापसी की।
विधानसभा और लोकसभा सीटें
विधानसभा और लोकसभा सीटें
केरल में कुल 20 लोकसभा और 140 विधानसभा सीटें हैं। यह राज्य 38,863 वर्ग किलोमीटर में फैला है और इसमें 14 जिले हैं। जनसंख्या के हिसाब से, केरल भारत में 13वें स्थान पर है।
लोकसभा सीटें: 14
विधानसभा सीटें: 126
वर्तमान मुख्यमंत्री: हिमंत बिस्वा सरमा
अनुमानित जनसंख्या: 3,12,05,576
अनुमानित पुरुष जनसंख्या: 1,59,39,443
अनुमानित महिला जनसंख्या: 1,52,66,133
साक्षरता दर: लगभग 72.19%
