केजरीवाल का भाजपा पर हमला: पेपर लीक पर चर्चा में बाधा डालने का आरोप

आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि वह प्रयागराज में छात्रों के साथ पेपर लीक मामले पर चर्चा को बाधित कर रही है। संजय सिंह ने इस मुद्दे पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उन्होंने तानाशाही की स्थिति का जिक्र किया है। इस बीच, NEET-UG 2026 विवाद भी चल रहा है, जिसमें सीबीआई जांच जारी है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी।
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केजरीवाल का भाजपा पर हमला: पेपर लीक पर चर्चा में बाधा डालने का आरोप gyanhigyan

केजरीवाल का भाजपा पर आरोप

आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला किया है। यह हमला तब हुआ जब उनके पार्टी के सदस्य संजय सिंह ने आरोप लगाया कि प्रयागराज में उत्तर प्रदेश पुलिस और सरकारी अधिकारियों ने छात्रों के साथ पेपर लीक मामले पर चर्चा को बाधित किया। केजरीवाल ने संजय सिंह की पोस्ट को साझा करते हुए भाजपा पर आरोप लगाया कि वह पेपर लीक जैसी समस्याओं को सुलझाने के बजाय इस पर चर्चा को रोकने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा को पेपर लीक से कोई समस्या नहीं है, बल्कि समस्या उस चर्चा से है जो इस मुद्दे पर हो रही है।


संजय सिंह के आरोप

यह घटना संजय सिंह द्वारा सोमवार को लगाए गए आरोपों के बाद सामने आई। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत को रोकने की कोशिश की। संजय सिंह ने यह भी कहा कि तानाशाही अपने चरम पर पहुंच गई है। उन्होंने X पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि प्रयागराज में तानाशाही की स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि बंद कमरों में भी लाखों छात्रों के भविष्य पर चर्चा करने की अनुमति नहीं दी जा रही है।


वीडियो में उठाए गए सवाल

वीडियो में संजय सिंह ने अधिकारियों से सवाल किया कि क्या पेपर लीक के मुद्दे पर बात करना अब अवैध हो गया है। उन्होंने कहा कि हम एक कॉन्फ्रेंस रूम में चर्चा कर रहे हैं और यह लोकतंत्र में बात करने का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहली बार है जब वह ऐसी स्थिति का सामना कर रहे हैं।


NEET-UG 2026 विवाद

यह घटनाक्रम NEET-UG 2026 को लेकर चल रहे विवाद के बीच आया है, जिसे पेपर लीक और प्रशासनिक खामियों के आरोपों के चलते 21 जून के लिए पुनर्निर्धारित किया गया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) अपनी जांच जारी रखे हुए है और कई गिरफ्तारियां कर चुकी है। इस बीच, देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र समूहों के विरोध प्रदर्शन भी तेज हो गए हैं।