केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पेश किया पेपर लीक रोकने वाला विधेयक

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने उच्च सदन में पेपर लीक रोकने के लिए एक विधेयक पेश किया है, जिसमें स्पेशल टास्क फोर्स द्वारा जांच का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने बताया कि यह विधेयक पहले ही निचले सदन से पारित हो चुका है। चर्चा के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके कारण सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। इस विधेयक के पारित होने के बाद, नीट प्रश्नपत्र लीक के मामले में त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
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पेपर लीक रोकने के लिए नया विधेयक

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने उच्च सदन में एक विधेयक पेश किया है, जिसका उद्देश्य पेपर लीक की घटनाओं को रोकना है। उन्होंने इस दौरान UPA शासनकाल और 2014 के बाद विपक्षी राज्यों में हुई पेपर लीक की घटनाओं का उल्लेख किया। सिंह ने बताया कि यह विधेयक पहले ही निचले सदन से पारित हो चुका है, जहां इस पर चर्चा के लिए 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया था। चर्चा के दौरान कई बार व्यवधान उत्पन्न हुए, लेकिन इसके बावजूद सभी मुद्दों पर चर्चा की गई। अब यह विधेयक ऊपरी सदन में प्रस्तुत किया गया है, जिसे बुजुर्गों और समझदारों का सदन कहा जाता है।


स्पेशल टास्क फोर्स की जांच

जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में जानकारी दी कि स्पेशल टास्क फोर्स पेपर लीक की जांच को 2-3 महीने में पूरा कर लेगी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि दशकों तक सरकारी परीक्षाओं में पेपर लीक की समस्या का समाधान करने के लिए कोई ठोस कानून क्यों नहीं बनाया गया, जब तक कि नरेंद्र मोदी सरकार ने 2024 में मूल कानून पेश नहीं किया। इससे पहले, लोकसभा ने 'लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026' को स्वीकृति दी।


सदन में हंगामा

नीट प्रश्नपत्र लीक के संदर्भ में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 में सख्त प्रावधानों को शामिल करने के लिए लाए गए इस संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। इस कारण सदन की कार्यवाही को पहले 40 मिनट और फिर तीन बजे तक स्थगित करना पड़ा। कांग्रेस के सांसदों ने 'एलओपी को बोलने' के नारे लगाते हुए हंगामा किया।


विधेयक की मंजूरी

प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने विधेयक पर चर्चा का जवाब दिया, जिसके बाद सदन ने ध्वनिमत से विधेयक को मंजूरी दी। विधेयक पारित होने के बाद कांग्रेस सांसदों की नारेबाजी के बीच अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही को स्थगित कर दिया। जितेंद्र सिंह ने कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक के मामले में सरकार ने त्वरित कार्रवाई की और 12 जुलाई को जांच सीबीआई को सौंप दी गई। उन्होंने बताया कि नए संशोधन विधेयक के लागू होने के बाद फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई होगी और पांच महीने में निर्णय आएगा।


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