केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की आलोचना की

केंद्रीय मंत्री का बयान
शनिवार को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने उन सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की आलोचना की, जिन्होंने 2011 के सलवा जुडूम फैसले को लेकर विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी के खिलाफ केंद्रीय मंत्री अमित शाह की टिप्पणी पर आपत्ति जताई। बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए, रिजिजू ने आरोप लगाया कि सेवानिवृत्त न्यायाधीश गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ एक "हस्ताक्षर अभियान" चला रहे हैं।
उपराष्ट्रपति चुनाव पर टिप्पणी
रिजिजू ने कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। हाल ही में, कुछ सेवानिवृत्त न्यायाधीशों ने एक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया और गृह मंत्री के खिलाफ टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि यह उचित नहीं है कि सेवानिवृत्त न्यायाधीश इस मामले में हस्तक्षेप करें। इससे यह आभास होता है कि जब वे कार्यरत थे, तब उनकी विचारधारा भिन्न थी।
विपक्ष की आलोचना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे कथित वामपंथी समर्थक को अपना उम्मीदवार बना रहे हैं। इसके बाद, सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी सुदर्शन रेड्डी के समर्थन में कई लोग आए। जुलाई 2011 में, न्यायमूर्ति रेड्डी ने न्यायमूर्ति एसएस निज्जर के साथ मिलकर एक फैसला सुनाया था, जिसमें छत्तीसगढ़ के बस्तर में सलवा जुडूम को अवैध और असंवैधानिक घोषित किया गया था।
हितेश जैन की प्रतिक्रिया
भारत के 23वें विधि आयोग के सदस्य हितेश जैन ने सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की आलोचना करते हुए कहा कि कुछ न्यायाधीश राजनीतिक कार्यकर्ताओं की तरह व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने सलवा जुडूम मामले में न्यायमूर्ति सुदर्शन रेड्डी का बचाव करने के लिए पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अभय एस ओका की भी आलोचना की। जैन ने एक पोस्ट में न्यायमूर्ति ओका और अन्य न्यायाधीशों की टिप्पणियों पर चिंता व्यक्त की और पक्षपातपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाया।