केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का राष्ट्रविरोधी तत्वों पर कड़ा बयान
राष्ट्रविरोधी तत्वों पर तीखा हमला
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को बिना किसी का नाम लिए, उन व्यक्तियों पर कड़ा प्रहार किया जो राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक स्वतंत्रता का दुरुपयोग भारत की संप्रभुता और स्थिरता को कमजोर करने वाली ताकतों के बचाव के लिए नहीं होना चाहिए। रिजिजू ने एक पोस्ट में व्यक्त किया कि उन्हें अपने देश पर गर्व है, लेकिन वे उन लोगों की आलोचना करते हैं जो राष्ट्रीय हितों को नजरअंदाज कर अपने स्वार्थ को प्राथमिकता देते हैं।
स्वार्थी तत्वों की आलोचना
उन्होंने कहा कि उन्हें भारत में रहने पर गर्व है, लेकिन उन स्वार्थी लोगों पर शर्म आती है जिनका कोई नैतिक मूल्य नहीं है और जो केवल धन के पीछे भागते हैं। ये लोग आतंकवादियों, माओवादियों और भारत विरोधी गिरोहों का समर्थन करते हैं। रिजिजू ने लोकतांत्रिक मूल्यों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि भारत खुली बहस और असहमति के लिए प्रतिबद्ध है, बशर्ते कि यह स्वतंत्रता राष्ट्र के हितों के खिलाफ काम करने वाले तत्वों का समर्थन करने के लिए न हो।
भारतीय लोकतंत्र की विशेषताएँ
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय लोकतंत्र की खूबसूरती खुली बहस और सेंसरशिप के डर के बिना असहमति व्यक्त करने का अधिकार है। लेकिन यह जरूरी है कि ऐसे तत्वों का समर्थन न किया जाए जो भारत की संप्रभुता, आंतरिक स्थिरता और आर्थिक विकास को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 6 जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने के लिए लौट रहे हैं।
शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की तैयारी
एक उपयोगकर्ता द्वारा साझा की गई पोस्ट में कहा गया है कि सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए लौट रहे हैं।
