केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मादक पदार्थों के खिलाफ नया अभियान शुरू किया
मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त कदम
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश में मादक पदार्थों के नेटवर्क को समाप्त करने के लिए एक व्यापक योजना की घोषणा की है। शुक्रवार को 'नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर' (NCORD) की नौवीं उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने बताया कि 31 मार्च से पूरे देश में तीन साल का एक गहन अभियान शुरू किया जाएगा।
नशा मुक्त भारत का लक्ष्य
शाह ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे 31 मार्च तक नशीली दवाओं के खिलाफ एक ठोस योजना बनाएं और निगरानी तंत्र स्थापित करें। उन्होंने कहा, 'हमें अगले तीन वर्षों में देश को नशामुक्त बनाना है और युवाओं को नशीले पदार्थों से सुरक्षित रखना है। इस लड़ाई में निरंतर जागरूकता ही हमारी सुरक्षा का आधार होगी।'
उन्होंने यह भी कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की महत्वपूर्ण भूमिका है। शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें युवा पीढ़ी को नशीले पदार्थों से बचाने का प्रयास करना चाहिए।
बैठक की मुख्य बातें
बैठक में लिए गए निर्णय
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा आयोजित इस बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
देशव्यापी अभियान: 31 मार्च से शुरू होने वाला यह अभियान अगले तीन वर्षों तक चलेगा, जिसका उद्देश्य भारत को नशामुक्त बनाना है।
अमृतसर कार्यालय का उद्घाटन: गृह मंत्री ने एनसीबी के अमृतसर कार्यालय का उद्घाटन किया, जो सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है।
सहयोग और समन्वय: बैठक में केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभिन्न विभागों के प्रमुखों और सभी राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
