कृषि मंत्री ने मृदा स्वास्थ्य योजना की समीक्षा की, छात्रों के लिए नई प्रयोगशालाएं स्थापित होंगी
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मीठापुर में मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता योजना की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि 2025-26 में 160 विद्यालयों में मिनी सॉयल टेस्टिंग प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। अगले वर्ष 629 विद्यालयों में और प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को मृदा परीक्षण की प्रक्रिया से जोड़ना और कृषि के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। मंत्री ने कृषि के आधुनिकीकरण और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया।
| Jun 15, 2026, 19:40 IST
कृषि मंत्री की समीक्षा बैठक
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मीठापुर स्थित कृषि भवन में एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया, जिसमें मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता योजना और मुख्यमंत्री बागवानी मिशन के अंतर्गत चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति पर चर्चा की गई। बैठक में कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने, छात्रों में अनुसंधान एवं प्रयोगात्मक क्षमताओं को विकसित करने और किसानों को मृदा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए योजनाओं पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
स्कूल सॉयल हेल्थ प्रोग्राम की जानकारी
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता योजना के तहत राज्य के 160 पीएम श्री एवं राजकीय विद्यालयों में मिनी सॉयल टेस्टिंग प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को मृदा परीक्षण की वैज्ञानिक प्रक्रिया से जोड़ना और कृषि एवं पर्यावरण के प्रति उनकी समझ को बढ़ाना है।
विस्तार की योजना
मंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस कार्यक्रम का विस्तार करते हुए राज्य के 629 पीएम श्री एवं राजकीय विद्यालयों में मिनी सॉयल टेस्टिंग प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इस योजना को पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किया जाएगा, जिससे कक्षा 7, 8, 9 और 11 के छात्र मृदा परीक्षण, नमूना संग्रहण और मृदा स्वास्थ्य से संबंधित व्यावहारिक गतिविधियों में भाग ले सकेंगे। इससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और तकनीकी कौशल विकसित होगा।
लागत और सहयोग
प्रत्येक विद्यालय में मिनी सॉयल टेस्टिंग प्रयोगशाला की स्थापना के लिए एक लाख रुपये की लागत निर्धारित की गई है, जिसमें 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी। भारत सरकार ने प्रत्येक विद्यालय को 50 मिट्टी नमूनों का संग्रहण, परीक्षण और किसानों के बीच मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण का लक्ष्य दिया है। यह पहल छात्रों, विद्यालयों और किसानों के बीच समन्वय स्थापित करेगी और संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देगी।
ड्रैगन फ्रूट विकास योजना की समीक्षा
समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री ने चतुर्थ कृषि रोड मैप के अंतर्गत ड्रैगन फ्रूट विकास योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बागवानी मिशन के तहत पिछले तीन वित्तीय वर्षों में इस योजना के क्रियान्वयन के लिए तीन करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत 60 लाख रुपये की राशि में से 13.62 लाख रुपये की निकासी एवं व्यय के आदेश को मंजूरी दी गई है।
कृषि के आधुनिकीकरण की प्रतिबद्धता
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कृषि के आधुनिकीकरण, फसल विविधीकरण और किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यालयों में मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना और ड्रैगन फ्रूट जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देने की पहल कृषि क्षेत्र में नवाचार और आत्मनिर्भरता को नई दिशा प्रदान करेगी। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ताकि किसानों और विद्यार्थियों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके।
