कुमारस्वामी ने बल्लारी हिंसा की सीबीआई जांच की मांग की
कुमारस्वामी की सीबीआई जांच की मांग
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सोमवार को महर्षि वाल्मीकि के पोस्टर लगाने के विवाद के चलते भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक जी जनार्दन रेड्डी के बल्लारी स्थित निवास के बाहर हुई हिंसा की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की अपील की। कुमारस्वामी ने कहा कि कर्नाटक सरकार ने महर्षि वाल्मीकि की किसी भी प्रतिमा की स्थापना की अनुमति नहीं दी थी, जिसके लिए ये पोस्टर लगाए गए थे। उन्होंने इस विवाद के कारण कांग्रेस समर्थक की मौत के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
घटना की सीबीआई जांच की आवश्यकता
कुमारस्वामी ने कहा, "बल्लारी की घटना की जांच सीबीआई को करनी चाहिए। यह घटना महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा स्थापना कार्यक्रम से संबंधित है। मैंने समाचार पत्रों में पढ़ा कि सरकार ने किसी भी प्रतिमा की स्थापना की अनुमति नहीं दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस संबंध में आदेश दिया है कि बिना अनुमति के कोई भी प्रतिमा स्थापित नहीं की जा सकती।"
सरकार की भूमिका पर सवाल
उन्होंने राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, "मैं मुख्यमंत्री से पूछ रहा हूं, यदि सरकार ने 3 जनवरी को प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति दी थी, तो जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है। अगर अनुमति नहीं दी गई थी, तो प्रतिमा स्थापित करने कौन गया था?" उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के प्रति सभी के मन में आदर है।
हिंसा में कांग्रेस कार्यकर्ता की मौत
इस घटना में कांग्रेस कार्यकर्ता राजशेखर की जान चली गई। महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा के अनावरण के लिए जनार्दन रेड्डी के आवास के बाहर पोस्टर लगाने को लेकर गुरुवार को कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी और भाजपा विधायक जी जनार्दन रेड्डी के समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई।
उपमुख्यमंत्री का बयान
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि पूर्व राज्य मंत्री एचएम रेवन्ना की अध्यक्षता वाली तथ्य-जांच समिति ने बल्लारी हिंसा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के विधायक जनार्दन रेड्डी पर वाल्मीकि प्रतिमा के अनावरण समारोह के लिए बैनर लगाने पर आपत्ति जताने का आरोप भी लगाया।
