किडनी रोगियों के लिए 3 प्रभावी उपाय

किडनी रोगियों के लिए कुछ प्राकृतिक उपाय बेहद फायदेमंद हो सकते हैं। इस लेख में हम तीन प्रभावी उपायों के बारे में चर्चा करेंगे, जिनमें नीम और पीपल की छाल का काढ़ा, गेंहू के जवारों और गिलोय का रस, और गोखरू काँटा का काढ़ा शामिल हैं। ये उपाय न केवल किडनी के स्वास्थ्य में सुधार कर सकते हैं, बल्कि अन्य स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान कर सकते हैं। जानें कैसे इन उपायों का सेवन करना है और इनके लाभ क्या हैं।
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किडनी के रोगियों के लिए 3 प्रभावी उपाय

किडनी रोगियों के लिए 3 प्रभावी उपाय


किडनी के रोगियों के लिए 3 प्रभावी उपाय:



  • किडनी के रोगियों के लिए, चाहे वे डायलिसिस पर हों या नहीं, और चाहे उनका क्रिएटिनिन या यूरिया स्तर कितना भी बढ़ा हो, कुछ विशेष उपाय हैं जो उन्हें इस गंभीर बीमारी से राहत दिला सकते हैं। आइए जानते हैं...


नीम और पीपल की छाल का काढ़ा: पहला उपाय



  • आवश्यक सामग्री:



  1. नीम की छाल – 10 ग्राम

  2. पीपल की छाल – 10 ग्राम



  • बनाने की विधि: 3 गिलास पानी में 10 ग्राम नीम की छाल और 10 ग्राम पीपल की छाल डालकर उबालें जब तक पानी आधा न रह जाए। इस काढ़े को दिन में 3-4 बार सेवन करें। इससे केवल सात दिन में क्रिएटिनिन का स्तर सामान्य हो सकता है।


किडनी रोगियों के लिए 3 प्रभावी उपाय गेंहू के जवारों और गिलोय का रस: दूसरा उपाय



  • आवश्यक सामग्री:



  1. गेंहू के जवारे (गेंहू घास) का रस

  2. गिलोय (अमृता) का रस



  • बनाने की विधि: गेंहू की घास को नियमित रूप से पीने से रोगी को स्वास्थ्य लाभ मिलता है। इसमें गिलोय का रस मिलाने से यह मिश्रण और भी प्रभावी हो जाता है। गेंहू के जवारों का रस 50 ग्राम और गिलोय का रस एक फ़ीट लंबी डंडी से निकालकर मिलाएं। इसे सुबह खाली पेट लें।

  • इससे रक्त में हीमोग्लोबिन और प्लेटलेट्स की मात्रा बढ़ती है। नियमित सेवन से कई प्रकार के कैंसर से भी राहत मिलती है।

  • उदयपुर के पास एक वैद का अनुभव है कि नीम और गिलोय का मिश्रण डायलिसिस वाले रोगियों के लिए लाभकारी है।


गोखरू काँटा काढ़ा: तीसरा उपाय



  • बनाने की विधि: 250 ग्राम गोखरू कांटा को 4 लीटर पानी में उबालें। जब पानी एक लीटर रह जाए, तो इसे छानकर बोतल में भर लें। इसे सुबह और शाम खाली पेट हल्का गुनगुना करके 100 ग्राम के करीब पिएं।

  • 15 दिन के भीतर यदि सुधार हो, तो डॉक्टर की सलाह लेकर दवा बंद कर सकते हैं।

  • इन उपायों में से कोई एक चुनें जो आपकी शारीरिक प्रकृति के अनुसार हो।