कासगंज में एक ही परिवार के पांच सदस्यों ने की आत्महत्या
कासगंज में आत्महत्या की घटना
उत्तर प्रदेश के कासगंज में एक ही परिवार के पांच सदस्यों ने आत्महत्या कर ली। मृतकों में पति-पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। इस घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को निकालने का कार्य शुरू किया, लेकिन आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
गांव नगला भोजराज के निवासी सत्यवीर (50) पिछले दस वर्षों से अमांपुर में किराए के मकान में रह रहे थे। उनके पास एक दुकान थी, जो पिछले चार दिनों से बंद थी। ग्राहक दुकान पर आकर लौट रहे थे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा था। पुलिस के अनुसार, सत्यवीर किसी भट्ठे पर भी काम करते थे।
शनिवार की शाम, कुछ ग्राहक दुकान पर काम कराने आए, लेकिन दुकान बंद होने पर वे मकान के पीछे गए। वहां जाकर उन्होंने देखा कि सत्यवीर का शव फांसी पर लटका हुआ था। जब आसपास के लोगों को इस बारे में बताया गया, तो भीड़ इकट्ठा हो गई। कुछ लोगों ने पर्दा हटाकर देखा तो पत्नी और तीन बच्चों के शव भी वहां पड़े थे।
पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शटर के ताले तोड़कर अंदर प्रवेश किया। सत्यवीर की पत्नी रामश्री (50), बेटियां प्राची (12), अमरवती (10) और बेटा गिरीश (10) के शव एक ही चारपाई पर पड़े थे। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक कलह या बेटे की बीमारी के कारण तनाव की आशंका जताई जा रही है।
अलीगढ़ रेंज के डीआईजी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि पुलिस ने सूचना मिलने के बाद घर में प्रवेश किया और पांच शवों को पाया। सत्यवीर का शव फांसी पर लटका था, जबकि पत्नी के गले पर चोट के निशान थे। तीन बच्चों के शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं था। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, जिससे यह संदेह है कि सत्यवीर ने बच्चों को जहर दिया और फिर पत्नी की हत्या के बाद खुद को फांसी लगा ली।
सत्यवीर के परिवार में इस घटना से कोहराम मच गया है। रिश्तेदार और अन्य लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े हैं। सत्यवीर की पत्नी की बहन ने बताया कि सत्यवीर का बेटा गंभीर बीमारी से ग्रस्त था, जिसके इलाज के लिए पैसे की आवश्यकता थी। आर्थिक मदद न मिलने के कारण सत्यवीर ने आत्महत्या का कदम उठाया।
