कासगंज में एक ही परिवार के पांच सदस्यों ने की आत्महत्या

कासगंज में एक ही परिवार के पांच सदस्यों ने आत्महत्या कर ली, जिसमें पति-पत्नी और उनके तीन बच्चे शामिल हैं। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, पारिवारिक तनाव और आर्थिक समस्याएं इस दुखद घटना के पीछे हो सकती हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
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कासगंज में एक ही परिवार के पांच सदस्यों ने की आत्महत्या gyanhigyan

कासगंज में आत्महत्या की घटना

कासगंज में एक ही परिवार के पांच सदस्यों ने की आत्महत्या


उत्तर प्रदेश के कासगंज में एक ही परिवार के पांच सदस्यों ने आत्महत्या कर ली। मृतकों में पति-पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। जब यह घटना सामने आई, तो पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शवों को निकालने का कार्य शुरू किया। हालांकि, आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।


अमांपुर थाना क्षेत्र के नगला भोजराज गांव के निवासी सत्यवीर (50) ने लगभग दस साल पहले इस क्षेत्र में किराए पर रहना शुरू किया था। उनका परिवार एक दुकान के पीछे स्थित घर में रहता था, जहां वे खराद और वेल्डिंग का काम करते थे। पिछले चार दिनों से उनकी दुकान बंद थी, जिससे ग्राहक निराश होकर लौट रहे थे।


शनिवार की शाम, जब कुछ ग्राहक दुकान पर पहुंचे और ताला बंद पाया, तो वे मकान के पीछे गए। वहां जाकर उन्होंने देखा कि सत्यवीर का शव फांसी पर लटका हुआ था। जब पड़ोसियों को इस बारे में बताया गया, तो भीड़ इकट्ठा हो गई। कुछ लोगों ने पर्दा हटाकर देखा तो सत्यवीर की पत्नी और तीन बच्चों के शव भी वहां पड़े थे।


पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शटर के ताले तोड़कर अंदर प्रवेश किया। सत्यवीर की पत्नी रामश्री (50), बेटियां प्राची (12), अमरवती (10) और बेटा गिरीश (10) के शव एक ही चारपाई पर पाए गए। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक तनाव या बेटे की बीमारी को आत्महत्या का कारण बताया जा रहा है।



अलीगढ़ रेंज के डीआईजी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि पुलिस ने सूचना मिलने के बाद घर में प्रवेश किया और वहां पांच शवों को पाया। सत्यवीर का शव फांसी पर लटका हुआ था, जबकि पत्नी के गले पर चोट के निशान थे। बच्चों के शरीर पर कोई चोट नहीं थी। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, जिससे यह संदेह है कि सत्यवीर ने पहले बच्चों को जहर दिया और फिर पत्नी की हत्या के बाद खुद को फांसी लगा ली।


सत्यवीर के बेटे की गंभीर बीमारी के कारण परिवार में आर्थिक संकट था। उसकी पत्नी रामश्री की बहन ने बताया कि सत्यवीर ने इलाज के लिए पैसे की मदद मांगी थी, लेकिन उसे कोई सहायता नहीं मिली। इसके बाद उसने परिवार के सदस्यों के साथ आत्महत्या का कदम उठाया।