कानपुर में सेल्स मैनेजर की हत्या: कर्मचारियों ने की साजिश

कानपुर में सेल्स मैनेजर मोनू जायसवाल की हत्या के मामले में दो कर्मचारियों की गिरफ्तारी हुई है। मोनू की हत्या उनके अधीनस्थ कर्मचारियों ने की, जिन्होंने काम के दबाव और उत्पीड़न के चलते साजिश रची। पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जानें इस जघन्य अपराध की पूरी कहानी और इसके पीछे के कारण।
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कानपुर में जघन्य हत्या का मामला

कानपुर: काम के अत्यधिक दबाव, लगातार टारगेट और बॉस की कथित प्रताड़ना ने एक गंभीर अपराध को जन्म दिया। कानपुर में सेल्स मैनेजर मोनू जायसवाल (30) की हत्या उनके दो अधीनस्थ कर्मचारियों ने मिलकर की। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, मोनू जायसवाल 26 अप्रैल की शाम को घर से निकले थे और उसके बाद से लापता हो गए। 27 अप्रैल को उनका शव उन्नाव के गंगाघाट थाना क्षेत्र के मरहाला चौकी के पास सड़क किनारे मिला।


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आरोपी ने पुलिस को गुमराह किया

डीसीपी ईस्ट सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि जांच के दौरान मोनू को आखिरी बार उनके कर्मचारी बापन पाल के साथ देखा गया था। पुलिस ने बापन को हिरासत में लिया। शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा, लेकिन कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज सामने आने पर उसने जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में बापन ने अपने साथी अतीत वर्मा का भी नाम लिया।


बॉस का उत्पीड़न सहन नहीं कर पाए कर्मचारी

दोनों आरोपियों ने बताया कि मोनू जायसवाल उनसे जबरन सेल्स टारगेट पूरा करवाते थे। खुद ज्यादा इंसेंटिव ले लेते थे और ना पूरा होने पर गाली-गलौज व बेइज्जती करते थे। इस लगातार उत्पीड़न से तंग आकर दोनों ने एक महीने पहले ही हत्या की साजिश रचनी शुरू कर दी थी। उन्होंने एक सुनसान जगह पहले से ही फाइनल कर ली थी।


शराब पार्टी के बहाने हत्या की योजना

घटना की रात दोनों ने मोनू को शराब पार्टी का लालच देकर सुनसान इलाके में बुलाया। वहां पहुंचते ही उन्होंने पहले मोनू की आंखों में स्प्रे किया, जिससे वह पूरी तरह असहाय हो गया। इसके बाद लोहे के डंडों और अन्य हथियारों से बेरहमी से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद बापन ने चालाकी से खुद को शक के दायरे से बाहर रखने की कोशिश की। वह मृतक के परिवार से लगातार संपर्क में रहा, गुमशुदगी दर्ज कराने थाने भी गया, ताकि कोई उस पर उंगली न उठा सके।


पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया

हालांकि पुलिस की तकनीकी जांच और परिजनों के संदेह ने अंततः दोनों को जाल में फंसा दिया। फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस आगे की जांच में इस पूरे मामले में और किसी की संलिप्तता की भी तह तक जाने का प्रयास कर रही है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या, साजिश और सबूत मिटाने की धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।