कानपुर में जमीन धोखाधड़ी का मामला: पूर्व अधिवक्ता समेत पांच पर कार्रवाई

कानपुर की पनकी पुलिस ने पूर्व अधिवक्ता राघवेंद्र प्रताप सिंह सहित पांच लोगों के खिलाफ करोड़ों रुपये की जमीन धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि इन लोगों ने पीड़ित की तस्वीर का उपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और जमीन की रजिस्ट्री करवाई। पीड़ित जयपाल सिंह ने बताया कि उनके पिता की बीमारी का फायदा उठाकर आरोपियों ने उन्हें धोखे में रखा। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जानें पूरी जानकारी इस लेख में।
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कानपुर में जमीन धोखाधड़ी का मामला: पूर्व अधिवक्ता समेत पांच पर कार्रवाई

कानपुर पुलिस ने दर्ज की धोखाधड़ी की रिपोर्ट

कानपुर में जमीन धोखाधड़ी का मामला: पूर्व अधिवक्ता समेत पांच पर कार्रवाई


कानपुर के पनकी क्षेत्र में पुलिस ने लायर्स एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री राघवेंद्र प्रताप सिंह सहित पांच व्यक्तियों के खिलाफ करोड़ों रुपये की भूमि धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि इन लोगों ने पीड़ित की तस्वीर का उपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और जमीन की रजिस्ट्री करवा ली।


पीड़ित के पिता को धोखे से किया गया शिकार

पीड़ित जयपाल सिंह ने बताया कि 2018 से 2024 के बीच, राम बहादुर सिंह और उसके सहयोगियों ने मिलकर करीब 7.25 बीघा जमीन की रजिस्ट्री करवाई। इसके लिए पीड़ित के पिता को महज साढ़े सात लाख रुपये दिए गए। कुछ जमीन दबाव डालकर और कुछ धोखे से हड़प ली गई।


फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन हड़पने का आरोप

जयपाल का कहना है कि 2024 में उनकी पत्नी से आयुष्मान कार्ड के लिए फोटो मंगवाई गई। आरोप है कि उनकी गैरमौजूदगी में फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन अपने नाम कर ली गई। जब उन्हें इस धोखाधड़ी का पता चला, तो उन्होंने पनकी थाने में शिकायत की।


पिता की बीमारी का लाभ उठाने का आरोप

जयपाल ने बताया कि उनके पिता भगवान सिंह गंभीर बीमारियों से ग्रस्त थे। आरोपियों ने इस स्थिति का फायदा उठाकर उन्हें धोखे में रखा और इलाज के नाम पर मामूली रकम देकर करोड़ों की संपत्ति हड़प ली।


धोखाधड़ी के आरोप में अधिवक्ताओं पर कार्रवाई

एक महिला ने दो अधिवक्ताओं सहित छह लोगों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है। पति की मृत्यु के बाद मुआवजे की राशि में से 2.99 लाख रुपये निकाल लिए गए। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज की है।