कानपुर में किडनी रैकेट का भंडाफोड़, 6 लोग गिरफ्तार

कानपुर में एक विवाद के चलते एक बड़े किडनी रैकेट का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें 6 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने जांच में पाया कि गरीब युवाओं से किडनी खरीदकर अमीर मरीजों को बेची जा रही थी। इस मामले में कई डॉक्टर शामिल हैं, और पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
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कानपुर में किडनी रैकेट का भंडाफोड़, 6 लोग गिरफ्तार

कानपुर में किडनी रैकेट का खुलासा


कानपुर: एक विवाद के चलते, जिसमें 50 हजार रुपये का भुगतान शामिल था, कानपुर में एक बड़े किडनी रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस बहु-करोड़ रुपये के ऑर्गन माफिया का खुलासा किया है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि रैकेट गरीब और जरूरतमंद युवाओं से किडनी खरीदता था और अमीर मरीजों को 60 लाख रुपये तक में बेचता था।


गिरफ्तारी और जांच

पुलिस ने अब तक 5 डॉक्टरों सहित 6 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, 4 अन्य डॉक्टरों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किए गए हैं। जांच टीम दिल्ली-NCR और अन्य राज्यों में भी छापेमारी कर रही है, क्योंकि रैकेट का नेटवर्क अंतर-राज्यीय स्तर पर फैला हुआ है।


रैकेट का संचालन

कैसे चला रैकेट?



  • खरीद-बिक्री का तंत्र: किडनी दाताओं को 6 से 10 लाख रुपये दिए जाते थे, जबकि रिसीवर से 60 लाख रुपये तक वसूले जाते थे।

  • अस्पतालों की भूमिका: कानपुर के कल्यानपुर क्षेत्र में आहूजा हॉस्पिटल, प्रिया हॉस्पिटल और मेड लाइफ हॉस्पिटल में बिना उचित दस्तावेजों के अवैध किडनी ट्रांसप्लांट किए जा रहे थे।

  • गिरफ्तार आरोपी: डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा, डॉ. प्रीति आहूजा, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. राम प्रकाश, डॉ. नरेंद्र सिंह और एंबुलेंस ऑपरेटर शिवम अग्रवाल।

  • कैसे पकड़ा गया?: एक एमबीए छात्र ने 50 हजार रुपये कम मिलने पर पुलिस में शिकायत की, जिससे पूरा मामला उजागर हुआ।


पुलिस की कार्रवाई

पुलिस की कार्रवाई



  • कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग के साथ संयुक्त टीम ने छापेमारी की।

  • अस्पतालों से दवाइयां, नकदी और दस्तावेज बरामद किए गए।

  • दिल्ली-NCR में डेरा: पुलिस को संदेह है कि फरार डॉक्टर दिल्ली-एनसीआर, मेरठ, मुजफ्फरनगर और अन्य शहरों में छिपे हो सकते हैं।

  • वित्तीय जांच: बैंक खातों, संपत्तियों और विदेशी लेनदेन की भी जांच शुरू की गई है।

  • अब तक 40 से 50 अवैध ट्रांसप्लांट का आंकड़ा सामने आया है, जिसमें विदेशी मरीज भी शामिल हो सकते हैं।


भविष्य की कार्रवाई

आगे क्या?


पुलिस ने थाना रावतपुर में ट्रांसप्लांटेशन ऑफ ह्यूमन ऑर्गन्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। फरार डॉक्टरों की तलाश जारी है। स्वास्थ्य विभाग ने तीनों अस्पतालों को नोटिस जारी कर लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


यह मामला चिकित्सा क्षेत्र में गहरी सड़ांध को उजागर करता है। पुलिस का कहना है कि जांच के आगे बढ़ने पर और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।