कानपुर में 14 वर्षीय लड़की के अपहरण और बलात्कार मामले में यूट्यूबर गिरफ्तार

कानपुर के सचेंडी इलाके में एक 14 वर्षीय लड़की के अपहरण और सामूहिक बलात्कार के मामले में एक यूट्यूबर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक दारोगा फरार है। पुलिस आयुक्त ने लापरवाही के आरोप में कई अधिकारियों को निलंबित किया है। पीड़ित के परिवार ने पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप लगाया है। जांच की जिम्मेदारी अब एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को सौंपी गई है। इस मामले ने राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाई है।
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कानपुर में 14 वर्षीय लड़की के अपहरण और बलात्कार मामले में यूट्यूबर गिरफ्तार

कानपुर में गंभीर अपराध का मामला

कानपुर जिले के सचेंडी क्षेत्र में एक 14 वर्षीय लड़की के अपहरण और सामूहिक बलात्कार के मामले में एक स्थानीय यूट्यूबर को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में एक दारोगा अभी भी फरार है। प्रशासन ने इस घटना को लेकर व्यापक कार्रवाई की है।


पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने लापरवाही और तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने के आरोप में पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) दिनेश चंद्र त्रिपाठी को उनके पद से हटा दिया है। इसके अलावा, सचेंडी के थानाध्यक्ष विक्रम सिंह को निलंबित कर दिया गया है।


घटना का विवरण

पुलिस के अनुसार, सोमवार रात लगभग 10 बजे एक कार में जबरन बैठाकर 14 वर्षीय लड़की का अपहरण किया गया। उसे एक सुनसान स्थान पर ले जाकर दो घंटे तक सामूहिक बलात्कार किया गया, और बाद में उसे बेहोशी की हालत में उसके घर के बाहर छोड़ दिया गया।


आरोपियों की पहचान

पुलिस आयुक्त ने बताया कि पीड़ित के बयान के आधार पर दारोगा अमित कुमार मौर्या और यूट्यूबर शिवबरन यादव को नामजद किया गया है। यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि फरार दारोगा को पकड़ने के लिए चार टीमें गठित की गई हैं।


परिवार का आरोप

पीड़ित के परिवार ने स्थानीय पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब उन्होंने एक पुलिसकर्मी के शामिल होने की बात कही, तो उन्हें भगा दिया गया। लड़की के भाई ने बताया कि पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया और उसे घर लौटने नहीं दिया।


जांच की जिम्मेदारी

पुलिस आयुक्त ने बताया कि थानाध्यक्ष विक्रम सिंह को पॉक्सो अधिनियम के तहत कार्रवाई नहीं करने और केस रिकॉर्ड में तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने के आरोप में निलंबित किया गया है। मामले की जांच अब अपर पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) कपिल देव सिंह को सौंपी गई है।


राजनीतिक प्रतिक्रिया

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के विरोध में पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल से मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी और सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।