कान में कनखजूरा घुसने पर क्या करें: योग गुरु कैलाश बिश्नोई की सलाह

बारिश के मौसम में कीड़े-मकोड़ों का आतंक बढ़ जाता है, जिससे कभी-कभी कनखजूरा कान में घुस सकता है। योग गुरु कैलाश बिश्नोई ने इस स्थिति से निपटने के लिए सरल उपाय बताए हैं। जानें कैसे नमक के पानी और रोशनी का उपयोग करके आप इस समस्या से राहत पा सकते हैं। साथ ही, कुछ महत्वपूर्ण सावधानियों के बारे में भी जानकारी प्राप्त करें।
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कान में कनखजूरा घुसने पर उपाय

कान में कनखजूरा घुसने पर क्या करें: योग गुरु कैलाश बिश्नोई की सलाह


कान में कनखजूरा घुसने पर क्या करें: बारिश के मौसम में कीड़े-मकोड़ों की संख्या बढ़ जाती है। कभी-कभी, सोते समय या खुले में रहने पर, छोटे कीड़े जैसे कनखजूरा कान में घुस सकते हैं। यह एक डरावना और असहज अनुभव हो सकता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि इस स्थिति में क्या करना चाहिए।


योग गुरु कैलाश बिश्नोई ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने कान से कनखजूरे को निकालने का एक सरल तरीका बताया है। उनके अनुसार, एक आसान उपाय से आप 2 से 3 सेकंड में कान में घुसे कनखजूरे को बाहर निकाल सकते हैं।


क्या करें?



  • योग गुरु नमक के पानी का उपयोग करने की सलाह देते हैं।

  • एक चम्मच नमक को आधे गिलास गुनगुने पानी में मिलाएं।

  • एक ड्रॉपर या चम्मच की मदद से इसे धीरे-धीरे कान में डालें।

  • कैलाश बिश्नोई के अनुसार, ऐसा करने से कनखजूरा खुद ही 2 से 3 सेकंड में बाहर आ जाएगा।


एक और उपाय


नमक के पानी के अलावा, आप एक और तरीका भी आजमा सकते हैं। एक अंधेरे कमरे में जाकर टॉर्च जलाएं और कान को रोशनी की ओर रखें। कभी-कभी कीड़े रोशनी की ओर खिंचते हैं, जिससे वे बाहर आ सकते हैं।


ध्यान रखने योग्य बातें



  • कभी भी नुकीली चीजें जैसे पिन या माचिस की तीली कान में न डालें, इससे कान के पर्दे को नुकसान हो सकता है।

  • यदि कीड़ा बाहर नहीं आ रहा है या दर्द बढ़ रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

  • यदि छोटे बच्चों के साथ ऐसी स्थिति हो, तो किसी घरेलू उपाय के बजाय तुरंत चिकित्सा सहायता लें।


कनखजूरा या अन्य कीड़े कान में घुसने पर घबराएं नहीं। ऊपर बताए गए घरेलू उपायों से राहत मिल सकती है, लेकिन यदि राहत नहीं मिलती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है। अपने आस-पास सफाई रखें, विशेषकर बरसात के मौसम में, और रात को सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें ताकि ऐसी स्थिति से बचा जा सके।