कागज लीक के लिए सख्त सजा का विधेयक मंजूर
कागज लीक पर सख्त कानून का प्रस्ताव
कागज लीक के खिलाफ CJP का प्रदर्शन। (फोटो: 'X'/@CJP_for_India)
नई दिल्ली, 25 जुलाई: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कागज लीक के मामलों में सख्त सजा के लिए एक विधेयक का मसौदा मंजूर किया है, जिसमें 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना शामिल है। यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की।
शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कागज लीक से जुड़े मामलों में सजा को मौजूदा कानून की तुलना में अधिक सख्त बनाने के लिए इस विधेयक को मंजूरी दी गई।
यह विधेयक ‘जन परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ में संशोधन करेगा, जिसमें कागज लीक में शामिल व्यक्तियों के लिए न्यूनतम पांच साल की सजा का प्रावधान है।
संविधान के अनुसार, संगठित कागज लीक के मामलों में 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक का अधिकतम जुर्माना लगाया जा सकता है।
वर्तमान कानून में व्यक्तियों के लिए 3-5 साल की सजा और संगठित अपराध में शामिल लोगों के लिए 5-10 साल की सजा और न्यूनतम 1 करोड़ रुपये का जुर्माना है।
यह विधेयक उन संगठनों और गिरोहों को रोकने के लिए है जो आर्थिक लाभ के लिए अनुचित साधनों का सहारा लेते हैं, जबकि उम्मीदवारों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है।
मौजूदा कानून का उद्देश्य कागज लीक, अनियमितताओं और भर्ती परीक्षाओं जैसे UPSC, SSC आदि में संगठित अनियमितताओं को रोकना है, साथ ही NEET, JEE, और CUET जैसे प्रवेश परीक्षाओं में भी।
सूत्रों के अनुसार, संशोधित विधेयक सोमवार को संसद में पेश किया जा सकता है, जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार रात एक वीडियो संदेश में बताया।
