कांग्रेस सांसदों ने संसद सत्र में महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने का किया वादा

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने शुक्रवार को संसद के आगामी मॉनसून सत्र में जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह अयोध्या, शिक्षा व्यवस्था, और मणिपुर जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बच रही है। साथ ही, प्रमोद तिवारी ने महिला आरक्षण बिल पर पार्टी का स्पष्ट रुख दोहराते हुए परिसीमन बिल का विरोध करने की बात कही। जानें इस सत्र में कांग्रेस की रणनीति और सरकार की जवाबदेही पर उनकी चिंताएं।
 | 
gyanhigyan

संसद के मॉनसून सत्र में उठेंगे प्रमुख मुद्दे

कांग्रेस के सांसद गौरव गोगोई ने शुक्रवार को बताया कि उनकी पार्टी संसद के आगामी मॉनसून सत्र में जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने की योजना बना रही है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या केंद्र सरकार अयोध्या, शिक्षा प्रणाली, ऑटोमोबाइल उद्योग, विदेश नीति और मणिपुर से संबंधित मामलों पर ध्यान देगी। गोगोई ने आरोप लगाया कि सरकार इन महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा से बचने के लिए संसद को सुचारू रूप से कार्य करने नहीं दे रही है। उन्होंने सरकार की जवाबदेही से बचने की कोशिशों पर चिंता व्यक्त की।


 


गोगोई ने विधायी एजेंडे के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि कांग्रेस अपने INDIA गठबंधन के सहयोगियों और अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर प्रस्तावित बिलों पर सामूहिक निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि हम उन सभी महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाएंगे जो जनता के जीवन में महत्वपूर्ण हैं। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि क्या सरकार अयोध्या, शिक्षा व्यवस्था, ऑटोमोबाइल उद्योग, विदेश नीति और मणिपुर के मुद्दों पर जवाब देगी। मुझे डर है कि सरकार संसद को ठीक से काम नहीं करने देगी और इन मुद्दों को उठाने से भी रोकेगी, क्योंकि वे अपनी जिम्मेदारी से भागना चाहते हैं। जब बिल आएंगे, तो हम अपने सहयोगियों और विपक्षी दलों के साथ चर्चा करेंगे और आपसी सहमति के बाद ही कोई निर्णय लेंगे।


 


इससे पहले, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने महिला आरक्षण बिल पर पार्टी का स्पष्ट रुख दोहराया और कहा कि परिसीमन बिल इसी नाम पर लाया जा रहा है। तिवारी ने कहा कि कांग्रेस परिसीमन बिल का विरोध करेगी और पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है।


 


तिवारी ने कहा कि हमने परिसीमन के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने का अनुरोध किया है। पहले भी ऐसा पत्र भेजा गया था और अब फिर से भेजा गया है। महिला आरक्षण पर हमारा रुख स्पष्ट है। यदि महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन लाया जाता है, तो हम उसका विरोध करेंगे। गुरुवार को राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पर सरकार के "संशोधित प्रस्तावों" पर चर्चा करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया।


 


देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।