कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोनम वांगचुक के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा की

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की तीखी आलोचना की है। उन्होंने केंद्र सरकार पर असहमति जताने के संवैधानिक अधिकार को दबाने का आरोप लगाया। वांगचुक को स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल ले जाया गया, जबकि खेड़ा ने सरकार के कार्यों को लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति अनादर के रूप में देखा। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध को कानून-व्यवस्था की समस्या के रूप में देखा जा रहा है, जो चिंताजनक है।
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पुलिस कार्रवाई पर पवन खेड़ा की प्रतिक्रिया

वरिष्ठ कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शनिवार को जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने केंद्र सरकार पर असहमति जताने के संवैधानिक अधिकार को दबाने का आरोप लगाया। वांगचुक को स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के चलते जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने लंबी भूख हड़ताल की थी। खेड़ा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि हमारा संविधान असहमति जताने के अधिकार की सुरक्षा करता है, जबकि गृह मंत्रालय इसे रोकने के लिए सक्रिय दिखता है। दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करती है, जिसने हाल ही में दिल्ली में नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया है। उन्होंने कहा कि यदि आज की कार्रवाई उनका पहला कदम है, तो यह एक चिंताजनक संकेत है। राजनीतिक आज्ञाकारिता को संवैधानिक कर्तव्यों से अधिक महत्व दिया जा रहा है। 


लोकतांत्रिक अधिकारों का अनादर

खेड़ा ने आगे आरोप लगाया कि सरकार के कार्यों से लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति अनादर प्रकट होता है। उन्होंने कहा कि महिला पहलवानों को घसीटकर ले जाने से लेकर पूर्व सैनिकों के साथ दुर्व्यवहार करने तक, इस सरकार ने बार-बार संविधान का अपमान किया है। आज की कार्रवाई इस सरकार की सोच को स्पष्ट करती है। शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन को एक मौलिक लोकतांत्रिक अधिकार नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसे कानून-व्यवस्था की समस्या के रूप में देखा जा रहा है, जिसे कुचलने का प्रयास किया जा रहा है।