कांग्रेस नेता ने अयोध्या मंदिर चंदे में गबन पर केंद्र सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े चंदे और सोने के कथित गबन पर केंद्र सरकार और संघ परिवार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने इसे भारत में धार्मिक स्थलों पर हुई सबसे बड़ी लूट करार दिया और प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए। वेणुगोपाल ने कहा कि यह मामला केवल धन की हेराफेरी का नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह लूट केवल राजनीतिक लाभ के लिए की जा रही है।
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कांग्रेस महासचिव का आरोप

कांग्रेस के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने शनिवार को अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े चंदे और सोने के कथित गबन पर केंद्र सरकार और संघ परिवार पर तीखा हमला किया। उन्होंने इसे 'भारत में किसी धार्मिक स्थल पर अब तक की सबसे बड़ी लूट' बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए, वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस आगामी संसद सत्र में इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से सीधे जवाब मांगेगी। केरल के प्रसिद्ध गुरुवायूर मंदिर के बाहर संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला केवल धन की हेराफेरी का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ है।


सरकार की चुप्पी पर सवाल

उन्होंने कहा, 'हम इस मुद्दे को पूरे देश में उठाने का प्रयास कर रहे हैं और आगे भी जारी रखेंगे। इस लूट ने देश के लाखों श्रद्धालुओं को प्रभावित किया है। लेकिन प्रधानमंत्री और गृह मंत्री इस पर चुप हैं। केवल उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक एसआईटी का गठन किया है, जिसका उद्देश्य असली दोषियों को बचाना प्रतीत होता है।'


वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि केवल उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच से ही इस कथित लूट के असली दोषियों का पता चल सकेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) जैसे संगठनों ने पिछले 20-25 वर्षों में मंदिर के नाम पर श्रद्धालुओं से चंदा एकत्र किया और अब उसी धन और सोने की लूट हुई है।


भाजपा और आरएसएस पर गंभीर आरोप

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि यह सब मंदिर ट्रस्ट के उन अधिकारियों की जानकारी में हुआ, जिनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री की निगरानी में की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आरएसएस 'वास्तविक रूप से आस्तिक नहीं हैं।'


वेणुगोपाल ने कहा, 'उनकी दिलचस्पी केवल हिंदुओं के नाम पर लूट करने और वोटों के लिए लोगों को बांटने में है। यह केवल लूट नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था पर हमला है।' उन्होंने यह स्पष्ट किया कि कांग्रेस के लिए यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है, जबकि भाजपा और आरएसएस ने 'अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए भगवान का इस्तेमाल किया।'


केरल बीजेपी की चुप्पी पर सवाल

वेणुगोपाल ने यह भी पूछा कि भाजपा की केरल इकाई इस मुद्दे पर चुप क्यों है। उन्होंने दावा किया कि यह चुप्पी असली दोषियों को बचाने का संकेत है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों के संबंध में भी इसी तरह की लूट के आरोप सामने आ रहे हैं।


उन्होंने हैरानी जताई कि हमेशा मुखर रहने वाली भाजपा की केरल इकाई इस मामले पर चुप क्यों है। वेणुगोपाल ने कहा कि यह चुप्पी दर्शाती है कि वे भी घोटाले के असली गुनहगारों को संरक्षण दे रहे हैं।