कांग्रेस ने भ्रष्टाचार पर राजनीतिक जवाबदेही की उठाई मांग
कांग्रेस की मांग
शुक्रवार को कांग्रेस ने राजनीतिक जवाबदेही की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि जब किसी मंत्री के करीबी सहयोगियों को भ्रष्टाचार के आरोप में बर्खास्त किया जाता है, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा देने पर विचार करना चाहिए और अपने 'राजधर्म' का पालन करना चाहिए। पार्टी ने पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के कार्यालय से चार कर्मचारियों की बर्खास्तगी का उदाहरण पेश किया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का उदाहरण देते हुए सरकार पर निशाना साधा।
नैतिक जिम्मेदारी का सवाल
रमेश ने X पर सवाल उठाया कि क्या भारतीय राजनीति में नैतिक जिम्मेदारी का विचार अब भी प्रासंगिक है? उन्होंने याद दिलाया कि लाल बहादुर शास्त्री ने 70 साल पहले तमिलनाडु में हुए एक ट्रेन हादसे के बाद रेल मंत्री के पद से इस्तीफा देकर उच्च मानक स्थापित किए थे। उनके उदाहरण को अक्सर याद किया जाता है, लेकिन शायद ही कोई उनके पदचिन्हों पर चलता है।
मंत्रियों की नैतिक जिम्मेदारी
उन्होंने कहा कि जब किसी मंत्री के करीबी चार सहयोगियों को भ्रष्टाचार के आरोप में बर्खास्त किया जाता है, तो मंत्रियों को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की इच्छा होनी चाहिए। रमेश ने कहा कि यदि मंत्रियों को इस बारे में जानकारी थी, तो वे भी दोषी हैं; और यदि वे कहते हैं कि उन्हें नहीं पता था, तो यह और भी गंभीर है और उनके इस्तीफे का एक और कारण है।
राजधर्म का पालन
कांग्रेस नेता ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि वे अपने 'राजधर्म' का पालन करें, जैसा कि वाजपेयी ने गुजरात के मुख्यमंत्री को याद दिलाया था। इस राजधर्म में नैतिक जिम्मेदारी और राजनीतिक जवाबदेही दोनों शामिल हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एक "विशाल घोटाला" हुआ है, जिसके कारण ये बर्खास्तगी हुई हैं।
पर्यावरण मंत्रालय की स्थिति
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि यादव के चार करीबी सहयोगियों की बर्खास्तगी के बाद केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की शासन व्यवस्था प्रभावित हुई है। रमेश ने कहा कि मंत्रालय ने देश में पर्यावरण और वनों की रक्षा के लिए कुछ खास नहीं किया है और यह अब प्रवचन मंत्रालय बन गया है। 3 जुलाई को जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार, पर्यावरण मंत्रालय ने यादव के निजी सचिव और दो अतिरिक्त निजी सचिवों को एक साथ हटा दिया।
