कांग्रेस ने परिसीमन विधेयक के समर्थन की खबरों को किया खारिज

कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने परिसीमन विधेयक के समर्थन की खबरों को खारिज कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मीडिया चैनल जानबूझकर गलत जानकारी फैला रहे हैं। रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने NCPI की भागीदारी का विरोध किया और बैठक से वॉकआउट किया। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में और क्या कहा गया।
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कांग्रेस का स्पष्ट बयान

कांग्रेस के संचार प्रमुख और महासचिव जयराम रमेश ने उन समाचारों को नकार दिया है, जिनमें कहा गया था कि रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में परिसीमन विधेयक का समर्थन किया गया। उन्होंने इन खबरों को पूरी तरह से बेबुनियाद और झूठा करार दिया। रमेश ने X पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि कुछ टीवी चैनल जानबूझकर ऐसी खबरें प्रसारित कर रहे हैं, जो स्पष्ट रूप से गढ़ी गई हैं।


उन्होंने कहा कि यह खबर गलत है कि सर्वदलीय बैठक में परिसीमन विधेयक को समर्थन मिला। केंद्र सरकार ने संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत से पहले यह बैठक बुलाई थी, जिसका उद्देश्य राजनीतिक दलों से सहयोग प्राप्त करना और विधायी एजेंडे पर चर्चा करना था।


विपक्ष का विरोध

रविवार को आयोजित सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने सांकेतिक वॉकआउट किया। उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा 'नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ़ इंडिया' (NCPI) को बैठक में आमंत्रित करने का विरोध किया। कुछ समय बाद, वे चर्चा में भाग लेने के लिए वापस लौट आए। एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने बताया कि सभी विपक्षी दलों ने इस बैठक से वॉकआउट किया, जो NCPI की भागीदारी के खिलाफ था।


रमेश ने अपने पोस्ट में कहा कि विपक्ष ने NCPI की भागीदारी पर आपत्ति जताई, यह आरोप लगाते हुए कि यह पार्टी उन 20 'बागी' तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसदों के लिए एक 'पार्किंग प्लेस' है, जिनकी सदस्यता पर लोकसभा स्पीकर को निर्णय लेना है।


राजनीतिक स्थिति

रमेश ने कहा कि सभी विपक्षी दलों ने कुछ समय के लिए सर्वदलीय बैठक से वॉकआउट किया, जो मोदी सरकार के उस निर्णय के विरोध में था, जिसमें NCPI को बुलाया गया था। NCPI उन 20 'बागी' TMC सांसदों के लिए एक 'पार्किंग प्लेस' है, जबकि स्पीकर के पास इस मामले में अंतिम निर्णय अभी लंबित है।