कांग्रेस ने तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए विशेष पर्यवेक्षकों की टीम बनाई
कांग्रेस की नई रणनीति
कांग्रेस ने 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए एक विशेष पर्यवेक्षकों की टीम का गठन किया है। बुधवार को इस निर्णय की जानकारी दी गई, जिसमें पार्टी के नेताओं ने राज्य में संगठनात्मक समन्वय और पहुंच को बेहतर बनाने पर जोर दिया। इस टीम में मुकुल वासनिक, उत्तम कुमार रेड्डी और मोहम्मद निजामुद्दीन शामिल हैं। इससे पहले, गिरीश चोडंकर को राज्य पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था।
चुनाव तैयारियों की निगरानी
कांग्रेस ने विभिन्न क्षेत्रों में चुनावी तैयारियों की निगरानी के लिए अनुभवी सदस्यों को विशेष पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया है। इन पर्यवेक्षकों का कार्य स्थानीय इकाइयों की गतिविधियों की निगरानी करना, राज्य और ब्लॉक स्तर के नेतृत्व के बीच संवाद को सुगम बनाना और पार्टी की चुनावी रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू करना होगा। जैसे-जैसे 2026 के विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने इंडिया गठबंधन में किसी भी दरार की अटकलों को खारिज किया और कहा कि कांग्रेस और डीएमके एकजुट हैं।
राजनीतिक स्थिति पर चर्चा
टैगोर ने विपक्षी गठबंधन के महत्व और कांग्रेस-डीएमके संबंधों की गहराई पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु एक महत्वपूर्ण राज्य है और इंडिया गठबंधन में कांग्रेस एक महत्वपूर्ण भागीदार है। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पार्टियों ने आठ चुनाव एक साथ लड़े हैं। सीट बंटवारे को लेकर मतभेदों की खबरों पर टैगोर ने कहा कि गठबंधन में बदलाव की कोई संभावना नहीं है, लेकिन समय पर बातचीत की आवश्यकता को स्वीकार किया।
भाजपा की रणनीति पर आलोचना
टैगोर ने भाजपा की राजनीतिक रणनीति पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि वे क्षेत्रीय पार्टियों को कमजोर करके अपने प्रभाव को बढ़ाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा तमिलनाडु में एआईएडीएमके को खत्म करके अपनी जगह बनाना चाहती है।
